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21 जनवरी, 2020|11:27|IST

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रेलवे का बड़ा फैसला, 32 अधिकारियों को किया जबरन रिटायर

                                                     32

रेलवे ने एक बिरले कदम के तहत जनहित में 50 साल से अधिक उम्र के अपने 32 अधिकारियों को अक्षमता, संदिग्ध निष्ठा और अवांछित आचरण के चलते समय से पहले जबरन सेवानिवृत्त कर दिया है। उसने समय-समय पर की जाने वाली समीक्षा के तहत यह कदम उठाया है।

रेलवे ने एक बयान में कहा कि इस कदम का लक्ष्य सभी स्तरों पर कार्यकुशलता में सुधार लाना और प्रशासनिक मशीनरी को मजबूत बनाना है। उसने कहा, 'समीक्षा समिति की सिफारिशें संबंधित सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई, जिन्होंने उसे मंजूरी दी। 1780 अधिकारियों पर समीक्षा के लिए विचार किया गया,जिनमें से 32 को सेवानिवृत्त करने की अनुशंसा की गई। अधिकारियों ने बताया कि उनमें से 22 निदेशक और उससे ऊपर के अधिकारी थे।'

अधिकारियों ने कहा कि एक निश्चित उम्र हासिल करने वालों की समय-समय पर समीक्षा ‘सरकारी कर्मचारी सेवा नियमावली' के तहत की जाती है। लेकिन बिरले ही उन्हें समय से पूर्व सेवानिवृत्त किया जाता है। रेलवे ने कहा, 'रेलवे बोर्ड में समूह- ए के अधिकारियों की आखिरी समीक्षा 2016-17 में की गई थी और 1824 अधिकारियों की सेवाओं की समीक्षा की गई थी। उनमें से चार अधिकारी समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिए गए थे। यह भी पाया गया था कि कई ऐसे अधिकारियों, जिनकी समीक्षा होनी है, की समीक्षा नहीं की गई। उसने कहा कि यह प्रक्रिया कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड और अराजपत्रित कर्मियों के लिए जोनल रेलवे में अब भी चल रही है।

राज्यसभा में गुरुवार को एक प्रश्न के उत्तर में कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि पिछले पांच सालों में 96 वरिष्ठ अधिकारियों समेत 220 भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिया गया।

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  • Web Title:32 Railway officers compulsorily retired