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20 जनवरी, 2020|1:22|IST

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मेष

19 जन॰ 2020

मानसिक शांति तो रहेगी, लेकिन स्‍वभाव में चिड़चिड़ापन भी हो सकता है। धार्मिक संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखें। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। रहन-सहन कष्‍टदायी हो सकता है। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

मेष

20 जन॰ 2020

वाणी में सौम्‍यता रहेगी। धैर्यशीलता में वृद्धि होगी। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। अपनी भावनाओं को वश में रखें। जीवनसाथी से नोकझोंक हो सकती है। किसी सम्‍पत्‍ति से आय के स्रोत विकसित हो सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

मेष

21 जन॰ 2020

मन अशांत रहेगा। बातचीत में संयत रहें। मानसिक शांति रहेगी, लेकिन माता को स्‍वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। रहन-सहन में असहज रहेंगे। स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति सचेत रहें। माता को स्‍वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। रहन-सहन में असहज रहेंगे। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

मेष

week4-2020

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मेष

1 जन॰ 2020

मन अशांत रहेगा। मन में निराशा व असंतोष के भाव रहेंगे। वाणी में कठोरता का प्रभाव हो सकता है। 14 जनवरी तक कारोबार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है तदुपरांत परिस्थितियों में सुधार होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। धर्म-कर्म में व्यस्तता बढ़ेगी। मान सम्मान में वृद्धि होगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मेष

1 जन॰ 2020

मेष- (21 मार्च-20 अप्रैल)

वर्ष के प्रारम्भ में आपकी राशि के स्वामी अष्टमस्थ हैं। अतःआत्मविश्वास में कमी रहेगी। 07 फरवरी के बाद आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, परन्तु कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता रहेगी। माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी के बाद शासन-सत्ता से लाभ मिलेगा। परन्तु नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग भी बनेंगे। परिवार से दूर भी जाना हो सकता है। 30 मार्च से धन की स्थिति में सुधार होगा। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। मन परेशान हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। वाहन सुख में वृद्धि भी हो सकती है। 05 अक्टूबर से मन अशान्त रहेगा। कार्यक्षेत्र-कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं। स्वास्थ्‍य सम्बन्धी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। चिकित्सीय खर्च बढेंगे। वर्ष के अन्त में सन्तान की ओर से शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।

उपायः-

1:प्रतिदिन हनुमान चालीसा के पाठ करें। गुड़ एवं भुने हुए चने का हनुमान जी को भोग लगाएं तथा इस भोग को बन्दरों या सांड को खिला दें।
2: बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को पांच केले खिलायें।

3:शनिवार के दिन लोटे में जल भरकर उसमें चुटकी भर काले तिल एवं दो बून्द सरसों के तेल की बून्द डालकर शिव लिंग पर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)