
Chardham Yatra Heavy Rain: उत्तराखंड में मॉनसून ने आते ही कहर बरपाना शुरू कर दिया। चारधाम यात्रा मार्ग पर लगातार बारिश से हालात भयावह हैं। रुद्रप्रयाग में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बदरीनाथ हाईवे बंद है।

चार दिनों से गुरुद्वारे में डटे निहंग आखिरकार मान गए और निकल गए, लेकिन अब स्थानीय लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि निहंगों ने पत्थर बरसाए और वे नाचते हुए निकले। उन पर कार्रवाई न होने से लोगों में गुस्सा है।

रुद्रप्रयाग गुरुद्वारे की छत पर निहंग चार दिन से डटे हुए हैं। पुलिस और प्रशासन उन्हें मनाने पर लगा है। इस बीच उत्तराखंड पुलिस ने बड़ा दावा किया है कि गुरुद्वारे पर कब्जे की जानकारी भ्रामक है।

निहंगों का 20 जून से रुद्रप्रयाग स्थित गुरुद्वारे पर कब्जा है। कम से कम पांच निहंग अभी भी अपनी मांगों को लेकर अड़े हैं। इस बीच पुलिस ने एक को दबोच लिया। गुस्से में निहंगों ने गुरुद्वारे से पत्थर बरसाए।
उत्तराखंड के नागरसू गुरुद्वारे में निहंग सिखों और प्रशासन के बीच गतिरोध के बाद यह समुदाय फिर चर्चा में है। आखिर निहंग कौन हैं? उनकी 300 साल पुरानी योद्धा परंपरा क्या है? अफगानों से लड़ाई में उनकी क्या भूमिका रही और हाल के वर्षों में उनका नाम बार-बार विवादों से क्यों जुड़ रहा है…
Nihangs Occupy Gurdwara: निहंगों को 30 घंटे से ज्यादा वक्त हो चुका है, वे अभी भी गुरुद्वारा की छत पर चढ़े हुए हैं। उन पर मारपीट करने, गुरुद्वारा की संपति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं।
आरोप है कि सात निहंग सिखों ने गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया और एक बुजुर्ग सेवादार को बंधक बना लिया। घटना के बाद पुलिस, जिला प्रशासन और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टीमें मौके पर पहुंचीं
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में निहंगों के भारी हंगामे के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। निहंगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। पुलिस ने धारा 163 लागू कर दी है और इंटरनेट सेवा बंद है।
मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भारी बारिश, तेज हवाएं और तूफान की संभावना जताई है। संभावित खतरे को देखते हुए केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों और होल्डिंग क्षेत्रों में रोककर सुरक्षित ठहराया गया है।
घटना की जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद दोनों प्रभावितों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां स्थानीय निवासी को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं नेपाली शख्स को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।'