
होली पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। रेलवे ने दिल्ली से लखनऊ होते हुए बिहार के लिए तीन और गोरखपुर के लिए एक ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। बिहार के लिए दो ट्रेन 20 और एक 27 फरवरी से चलेगी। गोरखपुर वाली ट्रेन 20 फरवरी से चलेगी।

लखनऊ-दिल्ली रेल मार्ग पर ट्रेनों की अधिकतम गति 100 से बढ़ाकर 120 किमी/घंटा करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। ट्रैक मजबूत करने, नई सिग्नलिंग और सुरक्षा सिस्टम लागू किए गए हैं। सफल स्पीड ट्रायल के बाद सेफ्टी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी, मंजूरी मिलने पर अप्रैल से नई रफ्तार लागू होगी।
गोरखपुर-पटना वंदे भारत, आनंद विहार-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति, रक्सौल-आनंद विहार सत्याग्रह, बरौनी-बांद्रा अवध, मुजफ्फरपुर-पोरबंदर पोरबंदर, मुजफ्फरपुर-प्रयागराज बापूधाम, नरकटियागंज-सीतामढ़ी-दानापुर मेमू के रुट में बदलाव किया गया है।

IRCTC ने ट्रेनों में E-Pantry नाम से ऑनलाइन भोजन बुकिंग सेवा शुरू की है। यात्रियों को अब सफर के दौरान सीट पर फ्रेश और कैशलेस भोजन मिलेगा। जानें क्या है E-Pantry, कैसे बुक करें और इसके फायदे।

भारतीय रेलवे ने बड़ा बदलाव किया है। 1 मार्च 2026 से UTS on Mobile ऐप बंद कर दी जाएगी। अब यात्रियों को ट्रेन टिकट और दूसरी सेवाओं के लिए RailOne ऐप इस्तेमाल करनी होगी। जानें डिटेल्स:

रेल प्रशासन के अनुसार, गर्डर लॉन्चिंग कार्य के चलते कुछ ट्रेनें निर्धारित समय से विलंब से चलेंगी, जबकि कुछ का आंशिक रूप से संचालन किया जाएगा। वाराणसी–आसनसोल मेमू ट्रेन 13, 17 और 18 फरवरी को लगभग 30 मिनट तथा 19 फरवरी को 40 मिनट विलंब से चलेगी।

समिति के सदस्यों ने रेलवे द्वारा दिए गए इन तर्कों को खारिज कर दिया। सूत्रों ने बताया कि पैनल का मानना है कि ये समस्याएं वर्षों से चली आ रही हैं और अब तक इनका ठोस समाधान निकाला जाना चाहिए था।

पूर्वी भारत के सभी बड़े हिंदू मंदिरों के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) की ओर से संचालित भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से पूर्वी भारत के दिव्य मंदिरों की यात्रा कराई जाएगी।

समिति का तर्क है कि जब यात्री आधी सीट पर सफर करने को मजबूर है तो उसे सर्विस भी आधी ही मिल रही है, इसलिए भुगतान भी उसी अनुपात में होना चाहिए। यह सिफारिश अगर लागू होती है तो यह रेलवे के दशकों पुराने किराये ढांचे में एक बड़ा बदलाव होगा।

दिल्ली, मुंबई, सूरत, पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु, सिकंदराबाद समेत अन्य बड़े शहरों से लाखों यात्री होली पर बिहार के विभिन्न स्टेशनों पर पहुंचते हैं। बिहार आने वाली नियमित ट्रेनों में पहले ही सीट फुल हो चुकी हैं। अधिकतर ट्रेनों में नो रूम की स्थिति है।