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27 जनवरी, 2020|5:15|IST

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कुंभ

26 जन॰ 2020

माता-पिता का सानिध्य एवं सहयोग मिलेगा। कुटुम्‍ब-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। किसी पुराने मित्र के सहयोग से आय के स्रोत विकसित हो सकते हैं। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

कुंभ

27 जन॰ 2020

स्‍वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। किसी मित्र के सहयोग से आय के स्रोत विकसित हो सकते हैं। मानसिक शांति रहेगी, लेकिन माता को स्‍वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। नौकरी में तरक्‍की के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र का विस्‍तार होगा। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

 

कुंभ

28 जन॰ 2020

अपनी भावनाओं को वश में रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्‍की के अवसर मिल सकते हैं। संतान को स्‍वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। मित्रों के साथ किसी धार्मिक स्‍थान की यात्रा पर जा सकते हैं। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

कुंभ

week5-2020

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कुंभ

1 जन॰ 2020

मास के प्रारंभ में क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मन स्थिति रहेगी। नौ जनवरी से माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। परिवार में सुख शांति रहेगी। माता का सानिध्य मिलेगा। धार्मिक संगीत में रुचि बढ़ सकती है। 15 जनवरी से खर्च बढ़ सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। 25 जनवरी से आपकी राशि पर शनि की साढ़े साती प्रारंभ हो रही है। खर्च बढ़ेंगे। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

कुंभ

1 जन॰ 2020

कुम्भ-( 20 जनवरी-18 फरवरी)

25 जनवरी से आपकी राशि पर शनि की साढ़े साती प्रारम्भ हो जाएगी। खर्चों की अधिकता रहेगी। मानसिक परेशानियां रहेंगी। संचित धन में कमी भी आ सकती है। दो फरवरी से स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। 30 मार्च के उपरान्त खर्चों में कमी आएगी। घर-परिवार में धार्मिक-मांगलिक कार्य हो सकते हैं। भवन के रख-रखाव तथा सौन्दर्यीकरण के कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं। परिश्रम अधिक रहेगा। एक जुलाई से आय की स्थिति में सुधार होगा। धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। 17 अगस्त के बाद कारोबार में वृद्धि के योग बन रहे हैं। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। वाहन की प्राप्ति हो सकती है। 24 सितम्बर के बाद से माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। दिनचर्या अव्यवस्थित हो सकती है। दिसम्बर में माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। दिनचर्या व्यवस्थित रहेगी।

उपाय-

1-प्रतिदिन प्रातः एक माला ‘ऊं त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनमं उर्वारूकमिव बन्धनान् मृर्त्योमुक्षिय मामृतात् रूद्राक्ष की माला पर जाप करें।

2-बुधवार के दिन गाय को हरी सब्जी या हरा चारा खिलाएं।

3-हर बृहस्पतिवार को एक मुट्ठी चने की दाल डलिये में डालें। इकट्ठा होने पर इसे मन्दिर के पुजारी को दे दिया करें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)