
हिमाचल प्रदेश में मई के महीने में गर्मी का प्रकोप बहुत बढ़ गया है, जिससे शिमला और मनाली जैसे ठंडे इलाके भी तप रहे हैं। मंगलवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा और ऊना में तापमान 43.4 डिग्री तक पहुंच गया।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ईंधन बचाने के लिए नया नियम लागू किया है। इसके तहत अब सभी जज एक साथ कार-पूलिंग करेंगे। इसके अलावा, कोर्ट रजिस्ट्री के कर्मचारियों को हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम करने की सुविधा मिलेगी।

Himachal Pradesh weather: मैदानी इलाकों के साथ-साथ राज्य के प्रमुख हिल स्टेशनों में भी पारा तेजी से चढ़ रहा है। राजधानी शिमला में सोमवार को इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 2.8 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 28.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा है

हिमाचल प्रदेश में तेज धूप के बाद मौसम फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण 19 से 23 मई तक बारिश, अंधड़ और बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया है।
शिमला में शनिवार देर रात एक कार करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में पिता-पुत्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा सहित दो लोग घायल हो गए।
Himachal Pradesh Weather Update: हिमाचल प्रदेश में कई दिनों तक ठंडे मौसम, बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद अब मौसम तेजी से बदलने लगा है। मौसम विभाग की मानें तो हिमाचल प्रदेश में अब तापमान और बढ़ेगा।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान उन वकीलों को वोट डालने से नहीं रोका जाएगा जिनकी उंगली पर बार काउंसिल चुनाव की स्याही पहले से लगी है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहचान पत्र दिखाने के बाद ऐसे मतदाता मतदान कर सकेंगे और उनके दाहिने हाथ पर नई स्याही लगाई जाएगी।
शिमला और मनाली जैसे हिल स्टेशनों में तापमान बढ़ने से पर्यटकों को दिन के समय गर्मी महसूस हुई। इससे पहले लगातार बारिश और ठंडे मौसम के कारण इन इलाकों में हल्की सर्दी जैसा असर बना हुआ था।
नगर निगम मंडी के चुनाव में प्रचार के लिए पहुंचे सीएम ने बताया कि 'हमने अपने काफिले के अलावा मंत्रियों के काफिलों में भी पहले से कटौती कर रखी है। इसके अलावा मंत्रियों और विधायकों के वेतन में अस्थाई कटौती की गई है। सरकार के इन्हीं प्रयासों से प्रदेश आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता की तरफ आगे बढ़ रहा है।'
हिमाचल प्रदेश चुनाव आयोग ने पारदर्शिता के लिए पहली बार मतगणना और संवेदनशील केंद्रों की वेबकास्टिंग (लाइव निगरानी) का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में वीडियोग्राफी होगी।