Hindi NewsAstrologyShubh-panchang

Aaj Ka Panchang (29 May 2024)

आज 29 मई, 2024 वार - कृष्ण पक्ष, षष्ठी (विक्रमी संवत्) है, आज बुधवार है। अगर कोई शुभ कार्य करना चाहते हैं तो राहुकाल का समय जरूर नोट कर लें, इस समय कोई शुभ कार्य न करें। आज राहुकाल 12:19 पी एम से 02:02 पी एम तक रहेगा। नक्षत्रों की बात करें तो आज श्रवण का योग है। चन्द्रमा आज चंद्रमा, मकर राशि में (दिन-रात) में संचार करेंगे। आज सूर्योदय 05:24 ए एम और सूर्यास्त 07:13 पी एम बजे होगा।

अगर कोई वाहन खरीदना चाहते हैं तो वाहन खरीदने की अगली शुभ तिथि क्या है?

30 May 2024

अगर शादी के लिए शुभ विवाह का मुहूर्त देख रहे हैं, तो अगला कौन सा शुभ विवाह का मुहूर्त है?

09 Jul 2024

अगर इस महीने घर खरीदना चाहते हैं तो घर खरीदने की अगली शुभ तिथि क्या है?

06 Jun 2024

और पढ़ें
29 मई, 2024का पंचांग
  • सूर्योदय 05:24 ए एम
  • सूर्यास्त 07:13 पी एम
  • चंद्रमा चंद्रमा, मकर राशि में (दिन-रात)
  • तिथि29 मई, 2024 वार - कृष्ण पक्ष, षष्ठी (विक्रमी संवत्)
  • नक्षत्रश्रवण
  • पक्षकृष्ण पक्ष
  • वार:बुधवार
  • शुभ मुहूर्त:all
  • राहुकाल:12:19 पी एम से 02:02 पी एम
  • शक संवत:शक संवत् 1946, कार्तिक मास प्रविष्टे (पंजाब पंचांग)
  • विक्रम संवत:विक्रम सम्वत 2081 पिङ्गल
  • गाड़ी. लेने की शुभ तिथि
    • 30 May 2024
    • 31 May 2024
    • 2 Jun 2024
    • 9 Jun 2024
    • 10 Jun 2024
    • 16 Jun 2024
    • 17 Jun 2024
    • 19 Jun 2024
    • 20 Jun 2024
    • 24 Jun 2024
    • 26 Jun 2024
    • 27 Jun 2024
    • 15 April 2024
    • 3 Jan 2024
    • 4 Jan 2024
    • 7 Jan 2024
    • 14 Jan 2024
    • 15 Jan 2024
    • 17 Jan 2024
    • 21 Jan 2024
    • 22 Jan 2024
    • 24 Jan 2024
    • 25 Jan 2024
    • 26 Jan 2024
    • 31 Jan 2024
    • 1 Feb 2024
    • 2 Feb 2024
    • 4 Feb 2024
    • 5 Feb 2024
    • 14 Feb 2024
    • 18 Feb 2024
    • 19 Feb 2024
    • 21 Feb 2024
    • 22 Feb 2024
    • 29 Feb 2024
    • 1 Mar 2024
    • 3 Mar 2024
    • 8 Mar 2024
    • 15 Mar 2024
    • 17 Mar 2024
    • 20 Mar 2024
    • 25 Mar 2024
    • 27 Mar 2024
    • 28 Mar 2024
    • 29 Mar 2024
    • 4 Apr 2024
    • 5 Apr 2024
    • 12 Apr 2024
    • 21 Apr 2024
    • 24 Apr 2024
    • 26 Apr 2024
    • 1 May 2024
    • 2 May 2024
    • 5 May 2024
    • 6 May 2024
    • 10 May 2024
    • 12 May 2024
    • 13 May 2024
    • 19 May 2024
    • 20 May 2024
    • 23 May 2024
    • 24 May 2024
    • 29 May 2024
  • घर लेने की शुभ तिथि
    • 6 Jun 2024
    • 7 Jun 2024
    • 21 Jun 2024
    • 27 Jun 2024
    • 5 Jul 2024
    • 11 Jul 2024
    • 25 Jul 2024
    • 26 Jul 2024
    • 15 Aug 2024
    • 16 Aug 2024
    • 23 Aug 2024
    • 29 Aug 2024
    • 11 Jan 2024
    • 25 Jan 2024
    • 26 Jan 2024
    • 23 Feb 2024
    • 1 Mar 2024
    • 29 Mar 2024
    • 12 Apr 2024
    • 18 Apr 2024
    • 19 Apr 2024
    • 25 Apr 2024
    • 3 May 2024
    • 17 May 2024
    • 23 May 2024
    • 24 May 2024
  • विवाह की शुभ तिथि
    • 9 Jul 2024
    • 11 Jul 2024
    • 12 Jul 2024
    • 13 Jul 2024
    • 14 Jul 2024
    • 15 Jul 2024
    • 12 Nov 2024
    • 13 Nov 2024
    • 16 Nov 2024
    • 17 Nov 2024
    • 18 Nov 2024
    • 22 Nov 2024
    • 23 Nov 2024
    • 25 Nov 2024
    • 26 Nov 2024
    • 28 Nov 2024
    • 29 Nov 2024
    • 16 Jan 2024
    • 17 Jan 2024
    • 18 Jan 2024
    • 20 Jan 2024
    • 21 Jan 2024
    • 22 Jan 2024
    • 27 Jan 2024
    • 28 Jan 2024
    • 30 Jan 2024
    • 31 Jan 2024
    • 4 Feb 2024
    • 6 Feb 2024
    • 7 Feb 2024
    • 8 Feb 2024
    • 12 Feb 2024
    • 13 Feb 2024
    • 17 Feb 2024
    • 24 Feb 2024
    • 25 Feb 2024
    • 26 Feb 2024
    • 29 Feb 2024
    • 1 Mar 2024
    • 2 Mar 2024
    • 3 Mar 2024
    • 4 Mar 2024
    • 5 Mar 2024
    • 6 Mar 2024
    • 7 Mar 2024
    • 10 Mar 2024
    • 11 Mar 2024
    • 12 Mar 2024
    • 18 Apr 2024
    • 19 Apr 2024
    • 20 Apr 2024

अंक राशि

शुभ पंचांग के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश् और उत्तर

  • पंचांग का क्या अर्थ होता है?

    पंचांग एक हिंदू तिथि का कैलेंडर कहा जा सकता है। पंचांग पांच अंगों से मिलकर बना है, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, इसलिए इसे पंचांग कहते हैं।

  • पंचांग क्यों जरूरी है?

    हिंदू धर्म में कुछ भी शुभ काम करने से पहले मुहूर्त जरूर देखा जाता है। दरअसल सभी किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले उस तिथि का महत्व और उसके शुभ-अशुभ प्रभाव पर विचार करना चाहते हैं। इसलिए पंचांग जरूर देखना चाहिए।

  • पंचांग में तिथि क्षय और वृद्धि कैसे होती है?

    किसी तिथि का क्षय या वृद्धि होना सूर्योदय पर निर्भर करता है। पंचांग के अनुसार अगर कोई तिथि, सूर्योदय से पूर्व आरंभ हो जाती है और अगले सूर्योदय के बाद तक रहती है तो उस तिथि की वृद्धि हो जाती है अर्थात् वह वृद्धि तिथि कहलाती है लेकिन कोई तिथि सूर्योदय के बाद आरंभ हो और अगले सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाती है तो उस तिथि का क्षय हो जाता है अर्थात् वह क्षय तिथि कहलाती है।

  • नक्षत्र कितने होते हैं

    अब नक्षत्रों के बारे में जानें नक्षत्र 27 होते हैं। प्रत्येक नक्षत्र के चार चरण होते हैं और 9 चरणों के मिलने से एक राशि बनती है।

आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

आरतीराशिफलअंक राशिपंचांग