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रियासी आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान की बड़ी साजिश? NIA करेगी जांच

रियासी आतंकी हमले की जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है। आशंका है कि जम्मू-कश्मीर में लगातार हुए आतंकी हमले एक दूसरे से जुड़े हैं। इसमें पाकिस्तान की बड़ी साजिश हो सकती है।

रियासी आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान की बड़ी साजिश? NIA करेगी जांच
Ankit Ojhaहिन्दुस्तान टाइम्स,श्रीनगरMon, 17 Jun 2024 01:04 PM
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जम्मू-कश्मीर के रियासी में श्रद्धालुओं की बस पर हुए आतंकी हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी। केंद्र ने आतंकी हमले की जांच अब एनआईए को सौंप दी है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उच्चस्तरीय बैठक में रविवार को यह फैसला लिया गया था। जानकारी के मुताबिक एनआईए ने एफआईआर दर्ज करी ली है और जम्मू-कश्मीर पुलिस से यह केस अपने हाथ में लेने वाली है। 

बता दें कि 9 जून को शिवखोड़ी से लौट रही बस पर रियासी में आतंकियों ने हमला कर दिया था। इसके बाद बस में खाईं में जा गिरी। इस बस में सवार कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई थी और 33 लोग घायल हो गए थे। इस हमले के बाद लगातार तीन जगह आतंकियों ने हमले किए। कठुआ और डोडा में भी आतंकियों ने गोलीबारी की। जममू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की। वहीं गृह मंत्र अमित शाह ने अर्धसैनिक बलों और एजेंसियों से आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने का आदेश दे दिया है। 

गृह मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके आतंकियों को तलाश की जाए। सुरंगों में छिपे आतंकियों का पता लगाने क लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाए। शाह ने कहा कि सरकार आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। गृह मंत्री शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को मिशन मोड पर काम करने और समन्वित तरीके से त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और इन क्षेत्रों में सुरक्षा चिंताओं के समाधान पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति को दोहराते हुए शाह ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों से कश्मीर घाटी में काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और आतंकवाद की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। शाह ने कहा कि कश्मीर घाटी में पर्यटकों के रिकॉर्ड संख्या में आने से कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार होने का पता चलता है।

गृह मंत्री ने लोकसभा चुनाव के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है और हाल की घटनाओं से पता चलता है कि आतंकवाद अत्यधिक संगठित हिंसा से सिमट कर महज छद्म युद्ध में तब्दील हो गया है। शाह ने 29 जून से शुरू होने जा रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की।

रविवार की बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, अगले सेना प्रमुख के तौर पर नामित लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह, बीएसएफ के महानिदेशक नितिन अग्रवाल, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक आर आर स्वैन और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए।