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2 मार्च, 2021|1:28|IST

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वृष

1 मार्च 2021

क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। नौकरी में अफसरों से मतभेद हो सकते हैं। स्थान परिवर्तन के भी योग बन रहे हैं। वाद-व‍िवाद से बचने का प्रयास करें। (पं. राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

2 मार्च 2021

दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन सुचारू रहेगा। परिवार में मान-सम्मान की प्राप्ति‍ होगी। मन में निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। खर्चों की अधिकत रहेगी। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों से आय भी बढ़ सकती है। मन प्रसन्न रहेगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

3 मार्च 2021

मन परेशान रहेगा। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। शैक्षिक एवं बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आत्मविश्वास में कमी आएगी। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। बातचीत में संयत रहें। वस्त्रों पर खर्च बढ़ेंगे। (पं. राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

week10-2021

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वृष

1 मार्च 2021

मास के प्रारंभ में क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मन: स्थिति हो सकती है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। मान सम्मान में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक एवं बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। परंतु आत्मसंयत रहें। 11 मार्च के बाद किसी मित्र के सहयोग से आय के साधन बन सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जन॰ 2021

वृष-(21 अप्रैल - 20 मई)
किसी अज्ञात भय से परेशान रहेंगे। वर्ष के प्रारंभ में परिवार की समस्याएं भी हो सकती हैं। चिकित्सीय खर्च अधिक हो सकते हैं। 22 फरवरी से जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा परंतु धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे, परंतु 15 सितंबर के बाद कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकता है। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। धन प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं। 19 अक्तूबर के बाद शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। संतान की ओर से सुखद समाचार मिलेंगे। 21 नवंबर के उपरांत किसी पुराने मित्र से भेंट हो सकती है। आय वृद्धि के साधन विकसित हो सकते हैं।
उपाय-
1. घर में और पूजा-पाठ में चंदन की सुगंध की धूप या अगरबत्ती उपयोग में लाएं। चंदन का इत्र नहाने के पानी में डालकर नहाएं।
2. शनिवार के दिन लोटे में जल भरकर उसमें चुटकीभर काले तिल तथा दो बूंद सरसों का तेल डालकर शिवलिंग पर जल की धार बनाकर जल अर्पित करें।
3. बृहस्पतिवार के दिन किसी मंदिर में पांच केले के पौधे लगाएं।