DA Image
21 जनवरी, 2020|4:55|IST

अगली स्टोरी

वृष

20 जन॰ 2020

मन में शांति एवं प्रसन्‍नता के भाव रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक एवं बौद्धिक कार्यों में वृद्धि होगी। शासन सत्‍ता का सहयोग मिलेगा। नौकरी में अफसरों से मतभेद बढ़ सकते हैं। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

वृष

21 जन॰ 2020

वाणी में सौम्‍यता तो रहेगी, लेकिन स्‍वभाव में चिड़चिड़ापन भी हो सकता है। आत्‍मविश्‍वास से लबरेज रहेंगे। लेकिन आत्‍मसंयत रहें। क्रोध की अधिकता भी हो सकती है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

वृष

22 जन॰ 2020

आत्‍मसंयत रहें। धैर्यशीलता में कमी आएगी। परिवार की समस्‍या परेशान कर सकती हैं। धैर्यशीलता में कमी आएगी। नौकरी में तरक्‍की के अवसर मिल सकते हैं। यात्रा पर जाना पड़ सकता है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

वृष

week4-2020

वृष :
आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे लेकिन आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे, आत्म संयत रहें। स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है, पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, परिवार में मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरी में पदोन्नति के योग बन रहे हैं। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। लाभ के अवसर बढ़ेंगे, संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। इच्छा के विरुद्ध कई अतिरिक्त जिम्मेदारिया मिल सकती हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी।  (पं. राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जन॰ 2020

आत्मविश्वास से परिपूर्ण तो रहेंगे परंतु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं। 13 जनवरी तक शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। संतान को स्वास्थ्य विकार रहेंगे। संचित धन में कमी रहेगी। 15 जनवरी से सुधार आना प्रारंभ होगा। 25 जनवरी के बाद परिवार में सुख शांति रहेगी। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जन॰ 2020

वृष- (21 अप्रैल-20 मई)

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 14 जनवरी तक माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 15 जनवरी से परिस्थितियों में सुधार होगा। 8 फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी से शनि की ढैया का प्रभाव समाप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। परन्तु कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। 30 मार्च से धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय की स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना हो सकता है। 24 सितम्बर से मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार भी हो सकते हैं।

उपाय-

1:प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को अर्पित करें।

2:एक मुट्ठी चने की दाल बुधवार के दिन पानी में भिगोकर बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को खिलायें।

3:शनिवार के दिन हनुमान जी के चरणों में काले तिल में गुड़ मिलाकर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)