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6 जुलाई, 2020|2:05|IST

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वृष

5 जुल॰ 2020

आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। बातचीत में संयम बरतें। मानसिक शान्ति रहेगी। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थिति रहेंगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। सन्तान को कष्ट होगा। खर्च अधिक रहेंगे। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। सेहत का ध्यान रखें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

6 जुल॰ 2020

आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। अति उत्साही होने से बचें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आय की स्थिति में सुधार होगा। घर में सुख-सुविधाओं का विस्तार होगा। परिश्रम की अधिकता रहेगी। नौकरी में कार्यक्षेत्र में स्थिति में सुधार हो सकता है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

7 जुल॰ 2020

कला एवं संगीत में रुचि हो सकती है। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

week28-2020

वृष : (21 अप्रैल-20 मई)
 मन में निराशा व असंतोष के भाव रहेंगे, आत्म विश्वास में कमी रहेगा। पठन-पाठन में रुचि रहेगी, पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी में तरक्की के अवसर मिलेंगे, संपत्ति का विस्तार हो सकता है। माता का सहयोग मिलेगा, खर्चों में वृद्धि होगी। वाहन के रख-रखाव पर खर्चें बढ़ सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुख परिणाम मिलेंगे। मीठे खान-पान में रुचि बढ़ेगी, अफसरों मतभेद हो सकते हैं, परिवर्तन भी संभावित है।  (पं. राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जुल॰ 2020

आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। परंतु स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। बातचीत में संयत रहें। मन में नकारात्मकता का प्रभाव भी हो सकता है। आय में कमी व खर्च अधिक की स्थिति हो सकती है। कार्यक्षेत्र में कठिनाई आ सकती है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। 16 जुलाई के बाद कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता रहेगी। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जन॰ 2020

वृष- (21 अप्रैल-20 मई)

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 14 जनवरी तक माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 15 जनवरी से परिस्थितियों में सुधार होगा। 8 फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी से शनि की ढैया का प्रभाव समाप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। परन्तु कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। 30 मार्च से धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय की स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना हो सकता है। 24 सितम्बर से मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार भी हो सकते हैं।

उपाय-

1:प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को अर्पित करें।

2:एक मुट्ठी चने की दाल बुधवार के दिन पानी में भिगोकर बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को खिलायें।

3:शनिवार के दिन हनुमान जी के चरणों में काले तिल में गुड़ मिलाकर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)