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27 जनवरी, 2020|5:54|IST

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वृष

26 जन॰ 2020

आत्‍मविश्वास से लबरेज रहेंगे। लेकिन आत्‍मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। आत्‍मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। माता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। धार्मिक कार्यों में व्‍यस्‍तता बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

वृष

27 जन॰ 2020

आत्‍मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। वाणी में कठोरता का प्रभाव हो सकता है। वाणी में सौम्‍यता रहेगी। किसी पैतृक कारोबार का विस्तार हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। भाइयों से मतभेद बढ़ सकते हैं। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

वृष

28 जन॰ 2020

स्‍वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। मन अशांत रहेगा। परिवार की समस्‍या परेशान कर सकती हैं। किसी पुराने मित्र का आगमन हो सकता है। सुस्‍वादु खानपान में रुचि बढ़ेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। मान-सम्‍मान में वृद्धि होगी। शासन सत्‍ता का सहयोग मिलेगा। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

 

वृष

week5-2020

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वृष

1 जन॰ 2020

आत्मविश्वास से परिपूर्ण तो रहेंगे परंतु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं। 13 जनवरी तक शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। संतान को स्वास्थ्य विकार रहेंगे। संचित धन में कमी रहेगी। 15 जनवरी से सुधार आना प्रारंभ होगा। 25 जनवरी के बाद परिवार में सुख शांति रहेगी। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जन॰ 2020

वृष- (21 अप्रैल-20 मई)

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 14 जनवरी तक माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 15 जनवरी से परिस्थितियों में सुधार होगा। 8 फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी से शनि की ढैया का प्रभाव समाप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। परन्तु कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। 30 मार्च से धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय की स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना हो सकता है। 24 सितम्बर से मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार भी हो सकते हैं।

उपाय-

1:प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को अर्पित करें।

2:एक मुट्ठी चने की दाल बुधवार के दिन पानी में भिगोकर बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को खिलायें।

3:शनिवार के दिन हनुमान जी के चरणों में काले तिल में गुड़ मिलाकर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)