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27 सितम्बर, 2020|9:18|IST

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वृष

26 सित॰ 2020

किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। नौकरी में कार्यक्षेत्र की स्थिति में सुधार होगा। अफसरों का सहयोग मिलेगा। आत्मसंयत रहें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। मित्रों का सहयोग रहेगा। आय की स्थिति में सुधार होगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

27 सित॰ 2020

संयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में परिवर्तन के आसार बन रहे हैं। कार्यों में बढ़ोत्तरी हो सकती है। आय की स्थिति में सुधार होगा। वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

28 सित॰ 2020

कारोबार में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। लाभ के अवसर मिलेंगे। नौकरी में तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। अपनी भावनाओं को वश में रखें। सन्तान को स्वास्थ्‍य विकार रहेंगे। नौकरी में यात्रा पर जाना पड़ सकता है। 
(पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

week39-2020

वृष : (21 अप्रैल-20 मई)
 कार्यों के प्रति उत्साह रहेगा, परंतु बातचीत में संतुलित रहें। मन अशांत रहेगा, धर्म-कर्म के प्रति रूझान बढ़ेगा। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं, माता का सहयोग मिलेगा। माता से धन प्राप्ती के योग हो सकते हैं, किसी मित्र का आगमन हो सकता है। बौद्धिक कार्यों से धर्नाजन होगा, नौकरी में स्थान परिवर्तन की संभावना बन रही है। परिवार के संग किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाना हो सकता है, खर्चों में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।  (पं. राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 सित॰ 2020

कला व संगीत में रुचि रहेगी। 11 सितंबर के बाद नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग भी बन रहे हैं। भवन या संपत्ति के रखरखाव पर खर्च बढ़ेंगे। कुटुम्ब परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। संतान सुख में वृद्धि होगी। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। मास के अंत में किसी मित्र का आगमन हो सकता है। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जन॰ 2020

वृष- (21 अप्रैल-20 मई)

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 14 जनवरी तक माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 15 जनवरी से परिस्थितियों में सुधार होगा। 8 फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी से शनि की ढैया का प्रभाव समाप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। परन्तु कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। 30 मार्च से धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय की स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना हो सकता है। 24 सितम्बर से मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार भी हो सकते हैं।

उपाय-

1:प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को अर्पित करें।

2:एक मुट्ठी चने की दाल बुधवार के दिन पानी में भिगोकर बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को खिलायें।

3:शनिवार के दिन हनुमान जी के चरणों में काले तिल में गुड़ मिलाकर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)