
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा-2026 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। अब तक 10 लाख पंजीकरण और 5 करोड़ की बुकिंग हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य सड़कों, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को सुधारकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन कराना है।

उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने की तैयारी है। मुस्लिम उलेमा डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी ने इसे आस्था का विषय बताते हुए मुसलमानों को खुद ही वहां नहीं जाने की सलाह दी है।

उत्तराखंड के गंगोत्री मंदिर समिति ने एक बड़ा फैसला लेते हुए धाम और मुखबा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। समिति का मानना है कि इन पवित्र स्थलों की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान सामने आया है।

बाबा केदार के भक्तों के लिए सोनप्रयाग से चौमासी तक 7 किलोमीटर लंबी ट्विन ट्यूब सुरंग बनाने की योजना है, जिससे रोपवे तक पहुंच आसान होगी और यात्रियों को डबल कनेक्टिविटी की सुविधा मिल सकेगी।
नौगांव ब्लाक मुख्यालय में 26 दिसंबर से रवांई महोत्सव का आयोजन होगा। यह तीन दिवसीय महोत्सव ग्रामीण संस्कृति, आतिथ्य और लोक परंपराओं को प्रदर्शित करेगा। इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को शामिल किया जाएगा और कवि सम्मेलन का आयोजन भी होगा। यह महोत्सव ग्रामीण जीवन की सादगी और विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देगा।
कंडियाल गांव के ग्रामीणों ने ठेकेदारों पर अवैध खनन और हरे पेड़ों के काटने का आरोप लगाया है। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार डामरीकरण के नाम पर पेड़ काटकर पत्थर निकाल रहे हैं, जो गांव के लिए खतरनाक है।
बर्नीगाड़ और नौगांव क्षेत्र में वाहनों के लंबे जाम से लोग परेशान हैं। चौड़ीकरण के कारण उड़ती धूल और लगातार जाम से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता पर चिंता जताई है, जो गलत तरीके से पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
वन विभाग ने मल्ला गांव में भालू के बच्चों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। मंगलवार रात एक भालू का बच्चा पिंजरे में फंस गया। ग्रामीण पिछले कुछ महीनों से भालुओं के डर में जी रहे हैं, क्योंकि भालू आवासीय क्षेत्रों में घूमते हैं। वन विभाग ने भालू को हरिद्वार भेजने और अन्य भालुओं को पकड़ने के लिए एक और पिंजरा लगाने का निर्णय लिया।
महानिदेशक सूचना वंशीधर तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के हितों के लिए कार्य कर रही है। अब प्रेस मान्यता तहसील स्तर पर दी जाएगी, जिससे ग्रामीण पत्रकारों को भी लाभ मिलेगा। जल्द सोशल मीडिया नियमावली लागू होगी, जिससे पत्रकारों को दिशा-निर्देश और अधिकारों का संरक्षण मिलेगा।
गाजणा क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य प्रियंका रावत ने क्षेत्र में आधार कार्ड केंद्र खोलने की मांग की है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को मुख्यालय तक 50 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। इसके अलावा, मोबाइल टावरों की कमी और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए डीएम को ज्ञापन भी दिया। डीएम ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।