
छत्तीसगढ़ के सुकमा के एक गांव में लोगों के गृह मंत्री अमित शाह से हेलीकॉप्टर मांगा है। लोगों का कहना है कि अगर सड़क नहीं बनवा सकते तो मेडिकल इमरजेंसी के लिए उनके गांव में हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जाए।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इसमें महिला सदस्य और कमांडर शामिल हैं। सरकार की पुनर्वास नीति और विकास कार्यों से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके सुकमा और बीजापुर जिले के 51 माओवादियों ने शनिवार को हिंसा का रास्ता त्याग कर मुख्यधारा में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति -2025’ के तहत 50-50 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
छत्तीसगढ़ के सुकमा में 26 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें से 13 पर कुल 64 लाख रुपए का इनाम रखा गया था।
नक्सल-मुक्त घोषित होने के बाद, बड़ेसेट्टी गांव को विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस पैसे का इस्तेमाल सड़क, पीने का पानी, बिजली, अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई है। सुकमा में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 3 नक्सलियों को मार गिराया है।
आत्मसमर्पण करने वालों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन नंबर 1 के प्लाटून कमांडर, दरभा डिवीजन के दो एरिया कमेटी सदस्य, PLGA की दो मिलिट्री प्लाटूनों के PPMC सदस्य, गोल्लापल्ली LOS के दो सदस्य और तीन पार्टी सदस्य शामिल हैं।
छत्तीसगढ में सुकमा जिले के टॉप नक्सली और 33 लाख के इनामी पति-पत्नी ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में सरेंडर कर दिया है। जयलाल और उसकी पत्नी विमला दक्षिण सब-जोनल कमेटी के सदस्य थे।
अधिकारियों ने बताया कि जिला पुलिस बल, जिला रिजर्व गार्ड और केंद्रीय रिवर्ज पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 74वीं बटालियन ने मिलकर पहाड़ी की चोटी पर शिविर को बनाया है, जहां अब तक कोई सड़क या पैदल चलने का कोई आम रास्ता भी नहीं था।