
बहराइच के धर्मापुर गांव में एक देवर ने बीमे की रकम के विवाद में अपनी विधवा भाभी आरती देवी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पति की मौत के बाद मिले क्लेम के पैसों पर देवर की नजर थी। पुलिस ने आरोपी दिनेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

बहराइच जिले के किशोरी के अपहरण मामले में पीड़ित पिता ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। 17 वर्षीय किशोरी नौ अप्रैल को खेत की ओर गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसे खोजा लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता ने अपहरण की धाराओं के तहत मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।

बहराइच के मुर्तिहा इलाके के एक आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात दलित कार्यकत्री को गांव के ही कुछ शोहदों ने काफी परेशान कर डाला।

बहराइच जिले के मूर्तिहा कोतवाली थाना क्षेत्र में गुरूवार देर रात एक युवक ने बीमा क्लेम की रकम के लिए अपनी भाभी के हाथ-पैर बांधकर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड
बहराइच के सुजौली रेंज में बगुलहिया फार्म के पास राहगीरों ने एक बाघ को रास्ते पर चहलकदमी करते देखा। चौपहिया वाहनों पर लोग बाघ का वीडियो बनाने लगे, जबकि पैदल चलने वाले डरकर लौट गए। लगभग आधा घंटे बाद बाघ जंगल में चला गया और फिर आवागमन बहाल हुआ।
बहराइच के ताड़ापुरवा गांव में तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ है। चिकित्सकों द्वारा परीक्षण के बाद उसे गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया है। ग्रामीणों का दावा है कि बालक पर बाघ ने हमला किया था, जबकि वन विभाग का कहना है कि यह तेंदुआ ही हमलावर है।
बहराइच में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जनजागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
बहराइच के नानपारा तहसील के रामनगर सेमरा में अवैध कब्जे पर पक्के निर्माण को बुलडोजर से ढहा दिया गया। एसडीएम मोनालिसा जौहरी के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में भारी पुलिस बल मौजूद था। तहसील प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
बहराइच में ईंधन संकट ने एंबुलेंस सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। डीजल की कमी के कारण कई एंबुलेंस पेट्रोल पंपों पर खड़ी हैं और मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं और भी प्रभावित हुई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तेजवापुर ब्लॉक के मोगलहा में वन रक्षक चौकी चारों ओर झाड़ियों और वनस्पतियों से घिरी हुई है। वर्षों की उपेक्षा के कारण चौकी की स्थिति दयनीय हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह चौकी पहले वन सुरक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र थी, लेकिन अब इसकी पहचान धुंधली हो गई है और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ने की आशंका है।