वोटर हाइजैकिंग हो रही, बाहरी लोगों को बंगाल की मतदाता सूची में घुसाने की कोशिश: ममता बनर्जी
TMC चीफ ने कहा कि भाजपा एजेंट्स मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में हजारों फर्जी फॉर्म-6 आवेदन भरकर गैर-निवासियों और बाहरी लोगों को बंगाल की मतदाता सूची में घुसाने की कोशिश कर रहे हैं। यह वोटर हाइजैकिंग का प्रयास है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को मंगलवार को पत्र लिखा। उन्होंने राज्य में लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया है। टीएमसी चीफ ने कहा कि भाजपा एजेंट्स मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में हजारों फर्जी फॉर्म-6 आवेदन भरकर गैर-निवासियों और बाहरी लोगों को बंगाल की मतदाता सूची में घुसाने की कोशिश कर रहे हैं। यह वोटर हाइजैकिंग का प्रयास है, जिसे बीजेपी ने पहले महाराष्ट्र और दिल्ली में अंजाम दिया था। ममता ने दावा किया कि इससे बंगाल की 2026 विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।
ममता बनर्जी ने अपने एक्स पोस्ट और पत्र में कहा कि 60 लाख से अधिक वैध मतदाताओं के आवेदनों का निपटारा लंबित है। SIR प्रक्रिया में 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। मगर, चुनाव आयोग फर्जी आवेदनों को बंद दरवाजों के पीछे जल्दबाजी में स्वीकार कर रहा है। उन्होंने इसे अवैध और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ बताया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह भाजपा और ईसीआई की मिलीभगत है, जो बंगाल के लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
टीएमसी चीफ ने मांग रखी कि चुनाव आयोग इस गैर-लोकतांत्रिक प्रक्रिया को तुरंत रोक दे और 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के बाद कोई फर्जी वोटर न जोड़ा जाए। पत्र में ममता बनर्जी ने लिखा कि भाजपा एजेंट्स की ओर से विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर फॉर्म-6 जमा किए जा रहे हैं, जो सामान्य आवेदन नहीं बल्कि बंगाल में गैर-निवासियों को शामिल करने की चाल है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में भी ऐसे ही पैटर्न देखे गए थे। ऐसी कार्रवाई अगर सही साबित हुई तो यह असंवैधानिक और लोकतंत्र विरोधी होगा।
ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों को पारदर्शिता और अपने मताधिकार की सुरक्षा का अधिकार है। उन्होंने ईसीआई से तत्काल कार्रवाई की मांग की ताकि बंगाल का लोकतंत्र चोरी न हो सके। इस घटना के बीच ममता बनर्जी ने रविवार को पुरुलिया में जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर दंगे भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो लोग नॉन-वेजिटेरियन भोजन भी नहीं खा सकेंगे। 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। एक ओर ममता वोटर सूची में हेराफेरी का आरोप लगा रही हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा तृणमूल पर मतदाताओं को धमकाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगा रही है।


