अगर BJP ने इन सीटों पर TMC को हराया तो...; बंगाल चुनाव में कैसे पहला चरण तय कर सकता है नतीजा

Apr 18, 2026 03:22 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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ममता बनर्जी को अपनी कल्याणकारी योजनाओं और अल्पसंख्यक वोटों (खासकर मालदा-मुर्शिदाबाद में) पर भरोसा है। पार्टी अपने ग्रासरूट नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन एंटी-इनकंबेंसी और आंतरिक कलह चुनौती बनी हुई है।

अगर BJP ने इन सीटों पर TMC को हराया तो...; बंगाल चुनाव में कैसे पहला चरण तय कर सकता है नतीजा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा। इस फेज में कुल 152 सीटों पर वोटिंग होनी है। मतगणना 4 मई को होगी। यह चरण उत्तर बंगाल, पश्चिमी जिलों और दक्षिण के कुछ हिस्सों को कवर करता है, जो पूरे चुनाव के नतीजों को काफी हद तक प्रभावित करने वाला माना जा रहा है। इस चरण में कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, उत्तर-दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बर्धमान और बिरभूम-नदिया के कुछ हिस्से शामिल हैं। यहां सीमा वाले जिले, आदिवासी बेल्ट, चाय बागान क्षेत्र और औद्योगिक इलाके आते हैं। इस क्षेत्र में आदिवासी समुदाय, चाय मजदूर, अल्पसंख्यक बहुल इलाके और शहरी मतदाताओं का मिश्रण है।

पहले चरण के मतदान में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, जबकि वाम-कांग्रेस गठबंधन भी कुछ जगहों पर असर डाल सकता है। TMC अपनी मौजूदा सीटों की रक्षा करने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी उत्तर बंगाल, जंगलमहल और सीमा क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाने पर जोर दे रही है। मतदाता सूची संशोधन को लेकर विवाद भी है, जिसमें 90 लाख से ज्यादा नाम हटाए जाने की खबरें हैं। पहले चरण की प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में सिलिगुड़ी, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, कूचबिहार उत्तर-दक्षिण, रायगंज, इस्लामपुर, बालुरघाट, मालदा-मुर्शिदाबाद की कई सीटें और आसनसोल, बांकुरा, पुरुलिया व झाड़ग्राम शामिल हैं। इन सीटों पर सीमा सुरक्षा, आदिवासी मुद्दे, चाय बागान मजदूरों की समस्याएं और एंटी-इनकंबेंसी जैसे फैक्टर काम करेंगे। नंदीग्राम, दिनहटा, कृष्णागंज, तमलुक और कोंताई जैसी सीटें भी काफी महत्व रखती हैं।

पूरे चुनाव की दिशा तय कर सकता है नतीजा

टीएमसी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कल्याणकारी योजनाओं और अल्पसंख्यक वोटों (खासकर मालदा-मुर्शिदाबाद में) पर भरोसा है। पार्टी अपने ग्रासरूट नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन एंटी-इनकंबेंसी और आंतरिक कलह चुनौती बनी हुई है। वहीं, बीजेपी उत्तर बंगाल, सीमा क्षेत्र और जंगलमहल में फोकस कर रही है, जहां सिलिगुड़ी, दिनहाटा, रायगंज और बालुरघाट जैसी सीटें उसके टारगेट पर हैं। वाम-कांग्रेस गठबंधन मुख्य रूप से द्विध्रुवीय मुकाबले में वोट काटने की भूमिका निभा सकता है, खासकर मुर्शिदाबाद, मालदा और कुछ शहरी क्षेत्रों में। 2021 के मुकाबले भाजपा इस चरण में अपनी 59 सीटों की रक्षा कर रही है, जबकि TMC 92 सीटों की। इस चरण का नतीजा पूरे चुनाव की दिशा तय कर सकता है क्योंकि यहां ग्रामीण, शहरी, आदिवासी और सीमा क्षेत्रों का अच्छा मिश्रण है।

पहले चरण में उम्मीदवारों का कैसा रिकॉर्ड

ADR विश्लेषण के अनुसार, इस चरण में कुल 1,475 उम्मीदवारों में 23 प्रतिशत (345) पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें 20 प्रतिशत गंभीर आरोप हैं। 21 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति (औसत संपत्ति 1.34 करोड़ रुपये) हैं। 66 सीटें रेड अलर्ट वाली हैं। महिला उम्मीदवार केवल 11 प्रतिशत (167) हैं। ज्यादातर उम्मीदवार 41-60 साल के बीच हैं और लगभग आधे 12वीं तक पढ़े हुए हैं। पहला चरण पश्चिम बंगाल की सियासत के लिए बेहद अहम है। टीएमसी सत्ता बचाने की लड़ाई लड़ रही है, जबकि BJP और अन्य विपक्षी दल इसे ममता सरकार के खिलाफ बड़ा मौका मान रहे हैं।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar

पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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