बंगाल में चुनाव से पहले 170 से अधिक पुलिस अधिकारियों का तबादला, आयोग के आदेश पर फिर मचेगा बवाल?
प्रशासनिक सूत्रों ने इस कदम को अभूतपूर्व बताया है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग द्वारा इस तरह का बड़े पैमाने पर फेरबदल पहले शायद ही कभी देखा गया हो।

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तब्दीली की है, जिस पर बवाल मच सकता है। चुनाव आयोग ने एक असामान्य कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल के 170 पुलिस स्टेशनों के प्रभारी अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इनमें कोलकाता के 31 और जिलों के 142 पुलिस स्टेशन शामिल हैं। यह राज्य में चुनाव पूर्व सबसे बड़े तबादलों में से एक है।
राज्य में कुल 516 पुलिस स्टेशन हैं और नए आदेश से एक ही दिन में एक तिहाई से अधिक प्रभारी अधिकारियों का तबादला हो गया है। व्यापक तबादलों में भाबनीपुर जैसे प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के आमने सामने हैं। प्रशासनिक सूत्रों ने इस कदम को अभूतपूर्व बताया है और कहा है कि आयोग द्वारा इस तरह का बड़े पैमाने पर फेरबदल पहले शायद ही कभी देखा गया हो।
वरिष्ठ अधिकारियों का भी तबादला
पुलिस स्टेशन स्तर पर फेरबदल के साथ-साथ, आयोग ने 11 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी हटा दिया है, जिससे रविवार को स्थानांतरित अधिकारियों की कुल संख्या 184 हो गई है। यह फेरबदल लगभग पूरे राज्य में लागू है। इसमें कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, मालदा, दक्षिण दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, नादिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर, बीरभूम और बांकुरा जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।
कई मामलों में, लंबे समय से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है, जबकि साइबर अपराध, यातायात और अन्य विशेष इकाइयों से कई कर्मियों को पुलिस स्टेशनों का नेतृत्व करने के लिए लाया गया है। विशिष्ट नियुक्तियों में, सुभब्रता नाथ को नंदीग्राम पुलिस स्टेशन का नया प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि भाबानीपुर में विशेष कार्य बल के सौमित्र बसु को प्रभार दिया गया है।
कई जिलों पर असर
अकेले कोलकाता में ही आयोग ने 31 अधिकारियों का तबादला किया है, जो राज्य में सबसे अधिक है। कोलकाता के साथ-साथ पूर्वी मिदनापुर में भी बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है, जहां कोंटाई, खेजुरी, चांदीपुर, हल्दिया, कोलाघाट, तामलुक, एग्रा और पताशपुर जैसे प्रमुख जिलों में अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। तबादलों का असर कोलकाता पुलिस पर भी पड़ा है, जहां प्रमुख इकाइयों और डिवीजनों में नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिले हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में तबादलों को मंजूरी देने से पहले राज्य के प्रस्तावों की जांच की थी और निर्देश दिया था कि नवनियुक्त अधिकारी तुरंत कार्यभार ग्रहण करें। आयोग ने ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (एआरओ) सहित 83 अधिकारियों के तबादलों का आदेश भी दिया।


