शुभेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी हरा पाएंगी या नहीं, अधीर रंजन का क्या होगा? बंगाल की 7 हॉट सीटें

Niteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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पश्चिम बंगाल के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में वोटों की पारदर्शी गिनती सुनिश्चित करने के लिए 432 मतगणना पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। संवेदनशील और चुनावी महत्व को देखते हुए कई जिलों में अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

शुभेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी हरा पाएंगी या नहीं, अधीर रंजन का क्या होगा? बंगाल की 7 हॉट सीटें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोटों की गिनती 4 मई को होगी। राज्यभर के 77 मतगणना केंद्रों पर नतीजे घोषित होंगे। 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए वोटिंग दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) को मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में सोमवार को मतों की पारदर्शी और सुचारू गिनती सुनिश्चित करने के लिए 432 मतगणना पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। आयोग ने कहा कि संवेदनशील और चुनावी महत्व को देखते हुए कई जिलों में अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। नतीजे आने से पहले हम आपको पश्चिम बंगाल की 7 प्रमुख विधानसभा सीटों के बारे में बता रहे हैं...

1. भवानीपुर

दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट 2011 से तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ बनी हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहीं से चुनाव लड़ती रही हैं। 2021 में नंदीग्राम में हार के बाद उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव में 71.9 प्रतिशत वोट पाकर वापसी की थी। इस बार उनका मुकाबला फिर से शुभेंदु अधिकारी से है। SIR के दौरान यहां से 47,094 मतदाताओं के नाम हटाए गए और 14,000 से अधिक मामलों को न्यायिक अधिकारियों को भेजा गया। ऐसे में चुनावी समीकरण कुछ बदल भी सकते हैं।

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2. नंदीग्राम

पूर्व मेदिनीपुर का नंदीग्राम 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र रहा है, जिसने वाम मोर्चा की सरकार को कमजोर किया और ममता बनर्जी के उभार में अहम भूमिका निभाई। यह सीट तटीय बंगाल में बीजेपी और टीएमसी की ताकत की सीधी परीक्षा मानी जा रही है। यहां शुभेंदु अधिकारी का सामना टीएमसी के पवित्र कर से है।

3. डायमंड हार्बर

डायमंड हार्बर में 2 मई 2026 को चार मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया, क्योंकि विपक्ष ने ईवीएम के इस्तेमाल में बाधा डालने की शिकायत की थी। यह सीट दक्षिण बंगाल में टीएमसी के संगठनात्मक प्रभाव को दर्शाने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। यहां अच्छा प्रदर्शन पार्टी की जमीनी पकड़ को मजबूत संकेत देगा।

4. खड़गपुर सदर

बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष खड़गपुर सदर सीट से चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने टीएमसी के प्रदीप सरकार और सीपीआई(एम) के मधुसूदन राय चुनौती पेश कर रहे हैं। यह सीट बड़े नेताओं के बीच सीधी टक्कर का उदाहरण है।

5. पानीहाटी

उत्तर 24 परगना की पानीहाटी सीट से बीजेपी ने रत्ना देबनाथ को उम्मीदवार बनाया है, जो आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले की पीड़िता की मां हैं। उनकी राजनीति में एंट्री न्याय और महिला सुरक्षा के मुद्दों को लेकर हुई है। उनका मुकाबला टीएमसी के तीर्थंकर घोष और सीपीआई(एम) के कलातन दासगुप्ता से है।

6. हिंगलगंज

संदेशखाली आंदोलन से चर्चित रेखा पात्रा हिंगलगंज सीट से बीजेपी की उम्मीदवार हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में वे बसीरहाट से हार गई थीं, लेकिन संदेशखाली क्षेत्र में उन्हें बढ़त मिली थी, जिससे उनकी पकड़ का संकेत मिलता है।

7. बहारामपुर

बहारामपुर सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी और बीजेपी विधायक सुभ्रत मैत्रा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। चौधरी 5 बार सांसद रह चुके हैं और 2024 में लोकसभा हारने के बाद अब विधानसभा चुनाव में उतरे हैं।

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लेखक के बारे में

Niteesh Kumar

पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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