यह उनका कल्चर, भाजपा पर क्यों भड़की TMC उम्मीदवार; लगाया बड़ा आरोप
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का दौर शुरू हो चुका है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी चलने लगा है। उत्तर 24 परगना के बारानगर विधानसभा में ऐसा ही कुछ देखने को मिला।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का दौर शुरू हो चुका है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी चलने लगा है। उत्तर 24 परगना के बारानगर विधानसभा में ऐसा ही कुछ देखने को मिला। यहां से ममता बनर्जी की टीएमसी उम्मीदवार, भाजपा के ऊपर भड़क उठीं। टीएमसी उम्मीदवार का नाम सायंतिका बनर्जी है।
मार-पीट के लगाए आरोप
सायंतिका ने मीडिया से बात करते सवाल उठाए। उन्होंने कहाकि आप भाजपा से सवाल पूछिए कि क्या हुआ है? उन्होंने कहाकि मैं चुनाव प्रचार कर रही थी। भाजपा के लोग बाहरी लोगों को लेकर आए। सायंतिका ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने कुछ दिव्यांग लोगों को भी मारा। उन्होंने महिलाओं से भी बदसलूकी के आरोप लगाए। टीएमसी उम्मीदवार ने भड़कते हुए कहाकि यही तो भाजपा का कल्चर है। उन्हें पता है कि वह लोग चुनाव में जीत नहीं पाएंगे। इसलिए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
दिन में ममता ने बोला था हमला
इससे पहले दिन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से लोगों के मताधिकार छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सबसे बड़ा घुसपैठ करने वाला करार दिया। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता ने कोलकाता के प्रतिष्ठित रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद नमाजियों को संबोधित करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों को लोकतांत्रिक अधिकारों और बंगाल के बहुल सामाजिक ताने-बाने की रक्षा की लड़ाई करार दिया। ममता ने कहाकि हम मोदी जी और भाजपा को आपके मतदान के अधिकार छीनने नहीं देंगे। हम अंत तक लड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए उन्होंने कोलकाता से लेकर दिल्ली तक की अदालतों का रुख किया है। उनकी ये टिप्पणी निर्वाचन आयोग द्वारा कराई जा रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आई है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर के कारण वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, खासकर अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों से। उन्होंने कहाकि जब आप विदेश जाते हैं, तो नेताओं से हाथ मिलाते हैं और मित्रता की बातें करते हैं। यह आपकी पसंद है, और मैं सभी देशों का सम्मान करती हूं। लेकिन जब आप भारत लौटते हैं, तो अचानक हिंदू-मुस्लिम विवाद शुरू हो जाता है, और लोगों को घुसपैठिया कहा जाने लगता है।


