भाजपा कैंडिडेट बनीं रेप पीड़िता की मां से TMC की एक अपील, PM का नाम ले क्या कहा

Apr 20, 2026 10:44 am ISTAnkit Ojha पीटीआई
share

टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने आरजी कर केस की पीड़िता की मां और बीजेपी प्रत्याशी से कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करें कि अपराजिता विधेयक की दुर्दशा ना की जाए। यह फिलहाल राष्ट्रपति के पास पेंडिंग है।

भाजपा कैंडिडेट बनीं रेप पीड़िता की मां से TMC की एक अपील, PM का नाम ले क्या कहा

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को पनिहाटी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से एक अपील की है। उन्होंने देबनाथ से कहा कि वह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए लंबित अपराजिता विधेयक को जल्द से जल्द पारित करवाएं। आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म के बाद जिस महिला चिकित्सक की हत्या की गई थी, रत्ना देबनाथ उनकी मां हैं और यह मामला भी उनसे ही जुड़ा है। यह विधेयक आरजी कर की घटना के बाद सितंबर 2024 में बंगाल विधानसभा में पास किया गया था। इसके तहत रेप के मामलों की जांच 21 दिन में पूरी करने का प्रावधान है। इसके अलावा फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करके दोषी को फांसी की सजा देने का भी प्रावधान किया गया है। हालांकि विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति से मंजूरी नहीं मिली है।

अपराजिता विधेयक में क्या है प्रावधान

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने उत्तर 24 परगना के पनिहाटी में पार्टी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष के समर्थन में रोड शो के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक दुष्कर्म के दोषियों को 50 दिनों के भीतर समयबद्ध सजा दिलाने का प्रावधान करता है। अपराजिता महिला एवं बाल (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून संशोधन) विधेयक सितंबर 2024 में विधानसभा में पारित हुआ था।

यह विधेयक बीएनएस की कई धाराओं में बलात्कार के लिए सजा में बदलाव की मांग करता है। इस वजह से विधेयक केंद्र और राज्य में टकराव का विषय बन गया। बीएनएस के तहत न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान है जबकि इस विधेयक में मांग की गई है कि इसे बढ़ाकर आजीवन या फिर मृत्युदंड कर दिया जाए।

बनर्जी ने भाजपा को निशाना बनाते हुए कहा, 'दोषियों को माला पहनाने वाली पार्टी न्याय नहीं दिला सकती।' उन्होंने भाजपा पर महिलाओं की सुरक्षा के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त, 2024 को महिला चिकित्सक के साथ हुई वारदात का जिक्र करते हुए कहा कि तृणमूल सरकार ने तुरंत कार्रवाई की।

उन्होंने कहा, "48 घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया, जिसमें अगर वे चाहें तो सीबीआई जांच भी शामिल थी।" बनर्जी ने दावा किया कि जहां बंगाल के लोग दोषियों को सजा दिलाने की मांग करते हुए एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं भाजपा ने न्याय पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर इस वारदात का राजनीतिकरण किया। उन्होंने तृणमूल कार्यकर्ताओं से देबनाथ पर व्यक्तिगत हमले न करने की अपील भी की।

मतदाता सूची को लेकर बीजेपी पर अटैक

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाने और लोगों को धार्मिक एवं जातिगत आधार पर विभाजित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और निशाना साधा। निर्वाचन क्षेत्र के लेडीज पार्क में आयोजित बैठक में ममता ने चुनावों को "लोकतंत्र का उत्सव, न कि तानाशाही का" बताया और विभिन्न समुदायों के लोगों से विधानसभा चुनावों से पहले एकजुट रहने का आग्रह किया।

हॉटसीट है भवानीपुर विधानसभा सीट

भवानीपुर विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरा है, जहां इस सीट से तीन बार विधायक रह चुकीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से है। इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यहां 2021 के नंदीग्राम चुनाव जैसा ही मुकाबला माना जा रहा है, जहां तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद अधिकारी ने बनर्जी को हराया था।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

और पढ़ें