भाजपा कैंडिडेट बनीं रेप पीड़िता की मां से TMC की एक अपील, PM का नाम ले क्या कहा
टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने आरजी कर केस की पीड़िता की मां और बीजेपी प्रत्याशी से कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करें कि अपराजिता विधेयक की दुर्दशा ना की जाए। यह फिलहाल राष्ट्रपति के पास पेंडिंग है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को पनिहाटी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से एक अपील की है। उन्होंने देबनाथ से कहा कि वह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए लंबित अपराजिता विधेयक को जल्द से जल्द पारित करवाएं। आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म के बाद जिस महिला चिकित्सक की हत्या की गई थी, रत्ना देबनाथ उनकी मां हैं और यह मामला भी उनसे ही जुड़ा है। यह विधेयक आरजी कर की घटना के बाद सितंबर 2024 में बंगाल विधानसभा में पास किया गया था। इसके तहत रेप के मामलों की जांच 21 दिन में पूरी करने का प्रावधान है। इसके अलावा फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करके दोषी को फांसी की सजा देने का भी प्रावधान किया गया है। हालांकि विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति से मंजूरी नहीं मिली है।
अपराजिता विधेयक में क्या है प्रावधान
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने उत्तर 24 परगना के पनिहाटी में पार्टी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष के समर्थन में रोड शो के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक दुष्कर्म के दोषियों को 50 दिनों के भीतर समयबद्ध सजा दिलाने का प्रावधान करता है। अपराजिता महिला एवं बाल (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून संशोधन) विधेयक सितंबर 2024 में विधानसभा में पारित हुआ था।
यह विधेयक बीएनएस की कई धाराओं में बलात्कार के लिए सजा में बदलाव की मांग करता है। इस वजह से विधेयक केंद्र और राज्य में टकराव का विषय बन गया। बीएनएस के तहत न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान है जबकि इस विधेयक में मांग की गई है कि इसे बढ़ाकर आजीवन या फिर मृत्युदंड कर दिया जाए।
बनर्जी ने भाजपा को निशाना बनाते हुए कहा, 'दोषियों को माला पहनाने वाली पार्टी न्याय नहीं दिला सकती।' उन्होंने भाजपा पर महिलाओं की सुरक्षा के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त, 2024 को महिला चिकित्सक के साथ हुई वारदात का जिक्र करते हुए कहा कि तृणमूल सरकार ने तुरंत कार्रवाई की।
उन्होंने कहा, "48 घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया, जिसमें अगर वे चाहें तो सीबीआई जांच भी शामिल थी।" बनर्जी ने दावा किया कि जहां बंगाल के लोग दोषियों को सजा दिलाने की मांग करते हुए एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं भाजपा ने न्याय पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर इस वारदात का राजनीतिकरण किया। उन्होंने तृणमूल कार्यकर्ताओं से देबनाथ पर व्यक्तिगत हमले न करने की अपील भी की।
मतदाता सूची को लेकर बीजेपी पर अटैक
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाने और लोगों को धार्मिक एवं जातिगत आधार पर विभाजित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और निशाना साधा। निर्वाचन क्षेत्र के लेडीज पार्क में आयोजित बैठक में ममता ने चुनावों को "लोकतंत्र का उत्सव, न कि तानाशाही का" बताया और विभिन्न समुदायों के लोगों से विधानसभा चुनावों से पहले एकजुट रहने का आग्रह किया।
हॉटसीट है भवानीपुर विधानसभा सीट
भवानीपुर विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरा है, जहां इस सीट से तीन बार विधायक रह चुकीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से है। इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यहां 2021 के नंदीग्राम चुनाव जैसा ही मुकाबला माना जा रहा है, जहां तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद अधिकारी ने बनर्जी को हराया था।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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