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तस्करी पीड़ित बच्चा बना बाल अधिकार संरक्षण आयोग का अध्यक्ष, मंत्री को खत लिख बच्चों की सुरक्षा की उठाई मांग

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nishant Nandan
Sat, 31 Jul 2021 09:59 PM
तस्करी पीड़ित बच्चा बना बाल अधिकार संरक्षण आयोग का अध्यक्ष, मंत्री को खत लिख बच्चों की सुरक्षा की उठाई मांग

पश्चिम बंगाल में बाल तस्करी के शिकार 12 साल के एक बच्चे को पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। एक घंटे के लिए अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के दौरान इस लड़के ने राज्य की महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण मंत्री शशि पांजा को चिट्ठी भी लिखी और बच्चों के कल्याण के दिशा में अहम कदम उठाने की मांग की थी। पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि 'एक चाइल्ड लाइन एनजीओ ने पुलिस की मदद से इस बच्चे को बाल तस्करी और बाल मजदूरी से आजाद कराया था। इसके बाद इस लड़के को नई जिंदगी मिली। 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर हमने उसे 1 घंटे के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग का अध्यक्ष बनाया था। इसके पीछे मकसद यह था कि इस बेहद ही गंभीर मुद्दे को वो करीब से समझ सके।'

बता दें कि सात वर्ष पहले उत्तर बंगाल के एक घर में घरेलू सहायक के तौर पर काम कर रहे इस लड़के को बचाया गया था जिसे शुक्रवार को डब्ल्यूबीसीपीसीआर का एक घंटे के लिए अध्यक्ष बनाया गया। एक खास बात यह भी है कि लड़के ने डब्ल्यूबीसीपीसीआर के अध्यक्ष बनने के बाद राज्य की एक मंत्री को चिट्ठी भी लिखी। अध्यक्ष तौर पर पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण मंत्री शशि पांजा को इस बच्चे ने पत्र लिखा और मांग की कि राज्य को सभी बच्चों के लिए शिक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो। उसने कहा कि बाल मजदूरी एवं तस्करी के षड्यंत्रकारियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए। उनसे पीड़ित की शिक्षा का पूरा खर्च वसूला जाना चाहिए।

बताया जाता है कि अब यह बच्चा 7वीं क्लास में पढ़ता है और एक चिल्ड्रेन होम में रहता है। बताया जाता है कि एक तस्कर ने बच्चे को पश्चिम बंगाल लाया था। उसके माता-पिता को भी इस बात का पता नहीं चल सका था। इसके बाद उसे उसे यहां जबरन घरेलू नौकर बना दिया गया। बच्चे से पानी भरवाने, फर्श साफ करवाने तता बाथरूम साफ करवाने का काम करवाया जाता था। बाल मजदूरी से मुक्त होने के बाद यह बच्चा अब काफी खुश है। बताया जाता है कि वो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी मेसी का भी प्रशंसक है। लड़के ने आयोग के सदस्यों से बातचीत में कहा कि 'मैं बड़ा होकर कमांडो बनना चाहता हूं और सभी बच्चों को इस पीड़ा से बचाना चाहता हूं।'

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