
निकाले जाने का इंतजार कर रहे अधीर रंजन चौधरी, भाजपा में शामिल होंगे; TMC का बड़ा दावा
खुद को हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जिस दिन मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी अध्यक्ष बने, पार्टी के संविधान के अनुसार देश में पार्टी के अन्य सभी पद अस्थायी हो गए।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अधीर रंजन चौधरी कभी भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं। बंगाल की सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि कांग्रेस के अंदरूनी मामले पर उसे कुछ नहीं कहना है, लेकिन उसने संकेत दिया कि पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पूर्व प्रमुख अधीर चौधरी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा, "ऐसा लगता है कि अधीर चौधरी निष्कासन का इंतजार कर रहे हैं और भविष्य में भाजपा में शामिल हो जाएंगे।"
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, "हम क्या कह सकते हैं? कुणाल घोष ने जो कहना था, वह कह दिया है। वह (अधीर रंजन) हमारी पार्टी से नहीं हैं। न ही हम चाहते हैं कि वह यहां आएं। हो सकता है कि वह अन्य पार्टियों से बात कर रहे हों और हो सकता है कि वह निष्कासन का इंतजार कर रहे हों। मुझे नहीं पता। उन्होंने खुद कहा है कि उन्हें यह सुनकर आश्चर्य हुआ कि उन्हें पूर्व अध्यक्ष कहकर संबोधित किया गया है।"
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खुद को हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "जिस दिन मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी अध्यक्ष बने, पार्टी के संविधान के अनुसार देश में पार्टी के अन्य सभी पद अस्थायी हो गए। यहां तक कि मेरा पद भी अस्थायी हो गया...जब चुनाव चल रहे थे, तब मल्लिकार्जुन खरगे ने टेलीविजन पर कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो मुझे बाहर रखा जाएगा, जिससे मैं परेशान हो गया। पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम भी पार्टी के लिए अच्छे नहीं रहे। भले ही मैं अस्थायी पार्टी अध्यक्ष था, लेकिन यह मेरी जिम्मेदारी थी। जिसके बाद मैंने खरगे जी से कहा कि यदि संभव हो तो आप मेरी जगह किसी और को रख सकते हैं..."

पूर्व लोकसभा सांसद ने कहा, "इस बीच मुझे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा पश्चिम बंगाल के कांग्रेस नेताओं की एक बैठक बुलाने के लिए सूचित किया गया क्योंकि पार्टी दो प्रस्ताव पारित करना चाहती थी... मुझे पता था कि बैठक मेरी अध्यक्षता में बुलाई गई थी और मैं अभी भी पश्चिम बंगाल कांग्रेस का अध्यक्ष था, लेकिन बैठक के दौरान गुलाम अली मीर ने संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व अध्यक्ष भी यहां हैं। उस समय मुझे पता चला कि मैं (पश्चिम बंगाल कांग्रेस का) पूर्व अध्यक्ष बन गया हूं।"
दो दिन पहले कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा था कि अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और राज्य इकाई के नए प्रमुख की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा चौधरी सहित पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने और राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ संबंधों सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने के एक दिन बाद आई।
तृणमूल कांग्रेस ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया है। टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "उन्हें (अधीर रंजन चौधरी को) पहले ही बाहर कर दिया जाना चाहिए था। दीदी (ममता बनर्जी) ने चुनाव से पहले सीट बंटवारे पर कांग्रेस से मिलने की पेशकश की थी। लेकिन अधीर रंजन चौधरी की वजह से यह संभव नहीं हो सका। तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ उनकी भाषा शालीन नहीं रही है।" लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद अधीर चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। कांग्रेस पार्टी बंगाल में सिर्फ एक लोकसभा सीट पर सिमट गई और अधीर चौधरी इस बार अपनी खुद की सीट बहरामपुर भी TMC उम्मीदवार व पूर्व क्रिकेटर युसुफ पठान से हार गए।
दोनों राष्ट्रीय राजनीतिक दल, कांग्रेस और भाजपा, जल्द ही पश्चिम बंगाल में राज्य इकाइयों के लिए नए प्रमुखों की नियुक्ति कर सकते हैं। जहां कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी को हटाया है तो वहीं पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में डॉ सुकांत मजूमदार के शामिल होने के बाद भाजपा द्वारा नए राज्य इकाई प्रमुख की नियुक्ति की संभावना है।

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