ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News पश्चिम बंगालभारत-पाकिस्तान मैच जैसा था टेंशन; यूसुफ पठान ने बताया काउंटिंग के दौरान कैसी थी फीलिंग 

भारत-पाकिस्तान मैच जैसा था टेंशन; यूसुफ पठान ने बताया काउंटिंग के दौरान कैसी थी फीलिंग 

पठान को इस चुनाव में 5,24,516 वोट मिले। कांग्रेस पार्टी के सबसे मुखर सांसद अधीर रंजन चौधरी को 85,022 वोटों से हराया। आपको बता दें कि मूल रूप से यूसुफ पठान गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं।

भारत-पाकिस्तान मैच जैसा था टेंशन; यूसुफ पठान ने बताया काउंटिंग के दौरान कैसी थी फीलिंग 
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,कोलकाता।Thu, 06 Jun 2024 11:03 AM
ऐप पर पढ़ें

पश्चिम बंगाल के बहरामपुर सीट से लोकसभा का चुनाव जीतने वाले मशहूर क्रिकेटर यूसुफ पठान गिनती के दौरान ठीक उसी तरह के दबाव का सामना कर रहे थे, जैसा उन्होंने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान 2007 में किया था। उन्होंने खुद इसका खुलासा किया है। आपको बता दें कि उन्होंने इस चुनाव में पांच बार के सांसद और कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को पटखनी दी है। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यूसुफ पठान ने कहा, "मैंने 2007 में दक्षिण अफ्रीका में भारत-पाकिस्तान विश्व टी20 फाइनल से पहले भी यही तनाव महसूस किया था। मुझे पता था कि मैं इससे निपट सकता हूं।" 2007 में एमएस धोनी की युवा टीम में इस ऑलराउंडर क्रिकेटर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 

पठान को इस चुनाव में 5,24,516 वोट मिले। कांग्रेस पार्टी के सबसे मुखर सांसद अधीर रंजन चौधरी को 85,022 वोटों से हराया। आपको बता दें कि मूल रूप से यूसुफ पठान गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं। चुनाव प्रचार के दौरान बाहरी बनाम स्थानीय का मुद्दा खूब छाया रहा, लेकिन पठान ने जीत हासिल की।

उन्होंने, "रिजल्ट या फाइनल जैसे बड़े दिन पर घबराहट कोई नई बात नहीं है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, चीजें सामान्य होने लगती हैं। यह वैसा ही है जैसे जब मैं डेब्यू पर बल्लेबाजी करने जाता हूं। जितना अधिक आप क्रीज पर रहते हैं, उतनी ही चीजें सामान्य होती जाती हैं। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, चीजें आसान होने लगीं। मुझे विश्वास था कि लोग मुझे वोट देंगे। मैंने जो रैलियां कीं और मुझे जो प्यार मिला वह अद्भुत था।"

यूसुफ और उनके छोटे भाई इरफान जैसे दो उभरते क्रिकेटरों के पिता ने कभी मस्जिद के बाहर इत्र बेचकर परिवार का पालन-पोषण किया था। उन्होंने एक केमिकल फैक्ट्री में काम किया और कभी-कभी ऑटो-रिक्शा भी चलाया। इरफान ने भी देश के लिए खेला और दोनों भाइयों ने मिलकर तीन विश्व खिताब जीते हैं। 

 1983 के विश्व कप विजेता टीम में शामिल रहे कीर्ति आजाद ने भी बड़ा उलटफेर किया। उन्होंने बर्धमान-दुर्गापुर सीट पर 1.38 लाख वोटों से जीत दर्ज की। उन्होंने पश्चिम बंगाल के पूर्व भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को हराया।