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हिंदी न्यूज़ पश्चिम बंगालआखिरकार बदल गया श्रीकांत दत्ता का नाम, अधिकारी के सामने 'कुत्ते' की तरह भौंककर जताया था विरोध

आखिरकार बदल गया श्रीकांत दत्ता का नाम, अधिकारी के सामने 'कुत्ते' की तरह भौंककर जताया था विरोध

अधिकारी के सामने बेहद अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराने के बाद अब, उनके आधिकारिक दस्तावेज में सुधार कर दिया गया है। दो दिन पहले बंगाल के बांकुरा से यह वीडियो वायरल हुआ था।

आखिरकार बदल गया श्रीकांत दत्ता का नाम, अधिकारी के सामने 'कुत्ते' की तरह भौंककर जताया था विरोध
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,कोलकाताMon, 21 Nov 2022 03:57 PM

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हाल ही में एक शख्स का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह एक अधिकारी के सामने कुत्ते की तरह भौंकता नजर आ रहा था। हालांकि अब उनके इस विरोध प्रदर्शन की वजह को सुलझा दिया गया है। दरअसल यह वीडियो पश्चिम बंगाल के श्रीकांत कुमार दत्ता का था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राशन कार्ड में उनका नाम एक बार नहीं, बल्कि तीन बार श्रीकांत कुमार "कुत्ता" लिखा गया। हालांकि अब इस गलती को सुधार लिया गया है और उनके नाम के पीछे 'कुत्ता' की जगह 'दत्ता' लिख दिया गया है।

अधिकारी के सामने बेहद अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराने के बाद अब, उनके आधिकारिक दस्तावेज में सुधार कर दिया गया है। दो दिन पहले बंगाल के बांकुरा से यह वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में एक शख्स अपने राशन कार्ड में सुधार कराने के वास्ते कुत्ते की तरह भौंकता हुआ नजर आ रहा है।

श्रीकांत कुमार दत्ता बेहद अगल अंदाज से विरोध करते इसलिए नजर आए थे क्योंकि उनके नाम को सही करने के लिए बार-बार की गई दलीलों को अधिकारियों द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया। राशन कार्ड पर श्रीकांत कुमार दत्ता का नाम श्रीकांत कुमार कुत्ता छापा था। उनके कई बार आपत्ति जताने के बावजूद इस पर सुधार नहीं किया गया था।

हालांकि श्रीकांत ने अपना नाम कुत्ता से दत्ता करने में मदद करने के लिए मीडिया को धन्यवाद दिया। दत्ता के अनुसार, उन्हें तीसरी बार सुधार के लिए आवेदन करना पड़ा क्योंकि पिछले दो मौकों पर उनका नाम गलत छपा था। श्रीकांत ने समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से कहा था, "मैंने राशन कार्ड पर नाम में सुधार के लिए तीन बार आवेदन किया। तीसरी बार भी मेरा नाम श्रीकांत दत्ता के बजाय श्रीकांत कुत्ता लिखा गया। मैं इससे मानसिक रूप से परेशान था।" 

उन्होंने कहा, "कल, मैं फिर से सुधार के लिए आवेदन करने गया और वहां संयुक्त ब्लॉक जिला अधिकारी (बीडीओ) को देखकर, मैं उनके सामने कुत्ते की तरह व्यवहार करने लगा। उन्होंने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया और भाग गए। कितनी बार हम जैसे आम लोग काम छोड़कर सुधार के लिए आवेदन करने जाते रहें?"