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शाहजहां शेख की कुंडली- मंत्री-विधायक से अधिक रुतबा, ड्राइवर से बना TMC नेता

बंगाल के पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता ज्योति प्रिया मल्लिक ने उनकी लोकप्रियता और उनकी शक्ति को पहचाना। आपको बता दें कि मल्लिक अब करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के आरोप में जेल में बंद हैं।

शाहजहां शेख की कुंडली- मंत्री-विधायक से अधिक रुतबा, ड्राइवर से बना TMC नेता
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,कोलकता।Thu, 29 Feb 2024 10:26 AM
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Sandeshkhali: पश्चिम बंगाल की पुलिस ने आज सुबह उत्तर 24 परगना के संदेशखाली के तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता शाहजहां शेख (Shahjahan Sheikh) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी में हो रही देरी के लिए विपक्षी पार्टी भाजपा ने लगातार ममता सरकार पर अपने नेता को बचाने के आरोप लगाया। सरकार पर बने रहे दबाव के बाद 5 फरवरी से लगातार फरार चल रहे शाहजहां शेख को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आइए टीएमसी के इस दबंग नेता के बारे में जानते हैं।

कुछ स्थानीय टीएमसी नेताओं से बातचीत के बाद संदेशखाली हिंसा के कथित मास्टरमाइंड के बारे में पता चला है। उन्होंने कहा कि 45 साल के शाहजहां का सियासी उत्थान जबरदस्त रहा है। पश्तिम बंगाल में वाम मोर्चा सरकार को हटाकर ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी की सरकार बनने के बाद वह 2013 में पार्टी में शामिल हो गए।

ट्रक ड्राइवर से टीएमसी नेता बनने की कहानी
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि शाहजहां अपने शुरुआती दिनों में संदेशखाली और सरबेरिया में कभी ड्राइवर और कभी-कभी सहायक के रूप में काम करता था। वह अपने मामा मुस्लिम शेख की छत्रछाया में पला-बढ़ा। उसके मामा पंचायत स्तर के सीपीआईएम नेता थे। 

मछली के कारोबार में एंट्री
उसके गांव के एक व्यक्ति ने कहा, “शाहजहां ने धीरे-धीरे मछली व्यापार में प्रवेश किया और क्षेत्र में मछली फार्मों को नियंत्रित करना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे उनका साम्राज्य बढ़ता गया उन्होंने गांव के युवाओं को शामिल करते हुए अपनी सेना भी बनानी शुरू कर दी। वह स्थानीय पार्टी नेताओं के भी संपर्क में रहते थे और चुनावों के दौरान उनकी मदद करते थे।” 

मंत्री-विधायक से अधिक रुतबा
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता ज्योति प्रिया मल्लिक ने उनकी लोकप्रियता और उनकी शक्ति को पहचाना। आपको बता दें कि मल्लिक अब करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के आरोप में जेल में बंद हैं। एक ग्रामीण ने बताया, “मल्लिक के करीबी सहयोगी माने जाने वाले शाहजहां 2013 में टीएमसी में शामिल हुए। तब से उन्हें पार्टी में काफी लोकप्रियता मिली। वह कई विधायकों और मंत्रियों से अधिक शक्तिशाली थे।'' 

उनका दबदबा ऐसा था कि 5 जनवरी को उनके घर की तलाशी लेने आए ईडी अधिकारियों पर 800-1000 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया था। तीन अधिकारी घायल हो गए। इसके बाद से शाहजहां फरार चल रहा था।

पुलिस भी शाहजहां के पास जाने को बोलती
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “उनका प्रभाव इतना था कि अगर कोई भी ग्रामीण टीएमसी के किसी भी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास जाता था, तो पुलिस उसे शाहजहां से संपर्क करने की सलाह देती थी। वह भाई के नाम से मशहूर थे।'' 

राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने इस सप्ताह की शुरुआत में कलकत्ता उच्च न्यायालय को बताया कि पिछले चार वर्षों में उनके खिलाफ 43 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने 42 मामलों में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है तो कुछ में उसे फरार दिखाया गया है।
 
चुनावी हलफनामें से पता चलता है कि शेख शाहजहां की वार्षिक आय लगभग 19.8 लाख रुपये है। बैंक में 1.9 करोड़ से अधिक जमा है। वह तीन बच्चों के पिता हैं। उनके पास लगभग 43 बीघा जमीन और सरबेरिया में एक घर है। घर की कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये है। उनके पास कम से कम 17 बाइक हैं।

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