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19 अप्रैल, 2021|9:00|IST

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बाबुल सुप्रियो के विरोध के बाद TMC में लौटे जितेंद्र तिवारी, ममता सरकार पर आरोप लगाते हुए दिया था इस्तीफा

jitendra tiwari

पश्चिम बंगाल में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। बगवाती तेवर अपना चुके तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक जितेंद्र तिवारी ने यू-टर्न ले लिया है। कल ही उन्होंने टीएमसी पर यह आरोप लगाते हुए से इस्तीफा दे दिया था कि उन्हें लोगों के लिए काम करने से रोका जा रहा है।

तिवारी के बीजेपी में जाने की अटलकों के बाद आसनसोल से बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो सहित कई स्थानीय नेताओं ने नाराजगी प्रकट की और तिवारी के बीजेपी विरोधी हरकतों का उल्लेख करते हुए ट्वीट किया। बीजेपी में एंट्री में दिक्कत होता देख तिवारी ने कोलकाता में मंत्री अरूप विश्वास से मुलाकात की और माफी मांगी। बिस्वास ने कहा, "तिवारी पार्टी में थे और पार्टी में रहेंगे।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे से पहले टीएमसी का दमान छोड़ने वाले नेताओं में जितेंद्र तिवारी, शुवेन्दु अधिकारी के बाद दूसरे स्थान पर थे। टीएमसी के सिलभद्रा दत्ता ने भी शुक्रवार को भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

जितंद्रे तिवारी ने कहा था, “मैंने आसनसोल नगर निगम के प्रशासकों के बोर्ड के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। यदि मुझे काम करने की अनुमति नहीं है, तो मैं पद बने रहकर क्या करूंगा? इसलिए, मैंने इस्तीफा दे दिया।” उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी में बने रहने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि मुझे लोगों के लिए काम करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

आपको बता दें कि टीएमसी के कई नेता बीजेपी कथित रूप से भाजपा के संपर्क में हैं और शाह के 2 दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान भागवा पार्टी में शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भाजपा के नेता टीएमसी के नेताओं के साथ जोर-जबरदस्ती कर रहे हैं।

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  • Web Title:Jitendra Tiwari returned to TMC after Babul Supriyo oppose resigning after accusing Mamata government