ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ पश्चिम बंगाल4 से ज्यादा कैदियों के साथ नहीं रखी जाएंगी अर्पिता, खाने की होगी जांच; मौत की धमकी के बाद बढ़ी सुरक्षा

4 से ज्यादा कैदियों के साथ नहीं रखी जाएंगी अर्पिता, खाने की होगी जांच; मौत की धमकी के बाद बढ़ी सुरक्षा

अदालत ने ये विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। ईडी के अलावा खुद मुखर्जी ने भी ऐसा ही अनुरोध किया था। नए सुरक्षा उपायों में उनके जेल प्रकोष्ठ के लिए चौबीसों घंटे गार्ड शामिल होंगे।

4 से ज्यादा कैदियों के साथ नहीं रखी जाएंगी अर्पिता, खाने की होगी जांच; मौत की धमकी के बाद बढ़ी सुरक्षा
Amit Kumarएजेंसियां,कोलकाताFri, 05 Aug 2022 09:42 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेता पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि उनकी जान को खतरा है। अर्पिता मुखर्जी के वकील के इस दावे के बाद उनकी सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। अर्पिता मुखर्जी को अब चार से अधिक सह-कैदियों के साथ नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा उन्हें दिए जाने वाले खाने की पहले जांच की जाएगी। दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में अर्पिता को लेकर "खतरे की आशंका" जताई थी। जिसके बाद कोलकाता की एक अदालत ने ये विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। ईडी के अलावा खुद मुखर्जी ने भी ऐसा ही अनुरोध किया था। नए सुरक्षा उपायों में उनके जेल प्रकोष्ठ के लिए चौबीसों घंटे गार्ड शामिल होंगे। यानी अब अर्पिता जिस सेल में बंद होंगी वहां 24 घंटें गार्ड उपलब्ध रहेंगे। 

अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी को जेल में बंद दोनों आरोपियों से पूछताछ करने की अनुमति दी जाएगी। बता दें कि पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को कोलकाता की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को 18 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विशेष पीएमएलए अदालत के न्यायाधीश जिबोन कुमार साधू ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आग्रह पर चटर्जी और मुखर्जी को 14-14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अदालत ने पूर्व मंत्री की जमानत याचिका को खारिज कर दिया और चटर्जी और मुखर्जी को 18 अगस्त को मामले की फिर से सुनवाई होने पर पेश करने को कहा। स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) की ओर से की गई भर्तियों में कथित अनियमितता में धन के लेन-देन से जुड़ी जांच के सिलसिले में 23 जुलाई को चटर्जी और मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। तब से ही वे ईडी की हिरासत में थे।

ईडी ने दावा किया है कि उसने मुखर्जी के स्वामित्व वाले आवासों से 49.80 करोड़ रुपये नकद, ज़ेवरात, और सोने की छड़ें बरामद की हैं। उसने यह भी दावा किया है कि एजेंसी को संपत्तियों और कंपनियों से संबंधित दस्तावेज़ भी मिले हैं। दोनों को धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
 

epaper