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Hindi News पश्चिम बंगाल7 लुटेरे, अंधाधुंध बरसतीं गोलियां; कैसे अकेले पुलिसकर्मी ने रोकी 4 करोड़ की डकैती

7 लुटेरे, अंधाधुंध बरसतीं गोलियां; कैसे अकेले पुलिसकर्मी ने रोकी 4 करोड़ की डकैती

पुलिस ने पूरी घटना की डिटेल एक्स पर शेयर की है। पुलिस ने कहा कि लुटेरों के भागने से पहले कम से कम 20 राउंड फायरिंग की गई थी। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी की तलाश जारी है।

7 लुटेरे, अंधाधुंध बरसतीं गोलियां; कैसे अकेले पुलिसकर्मी ने रोकी 4 करोड़ की डकैती
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,कोलकाताTue, 11 Jun 2024 04:46 PM
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पश्चिम बंगाल में चोरी की नाकाम कोशिश का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मामला पिछले हफ्ते का है लेकिन अब इसका वीडियो सामने आया है। पश्चिम बंगाल के रानीगंज में एक आभूषण की दुकान पर सात सदस्यीय गिरोह द्वारा की गई 4 करोड़ की लूट की कोशिश को एक पुलिस अधिकारी की बहादुरी ने विफल कर दिया। 

दुकान के ठीक बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए दृश्यों में सब-इंस्पेक्टर मेघनाद मंडल को बिजली के खंभे के पीछे से लुटेरों के साथ गोलीबारी करते हुए देखा जा सकता है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने पूरी घटना की डिटेल एक्स पर शेयर की है। पुलिस ने कहा कि लुटेरों के भागने से पहले कम से कम 20 राउंड फायरिंग की गई थी। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी की तलाश जारी है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना रविवार दोपहर को हुई जब पिस्तौल, मशीन गन और राइफल से लैस सात नकाबपोश लुटेरे प्रमुख आभूषण की दुकान में घुस आए। इस चौंकाने वाली घटना ने दुकान के मालिकों और ग्राहकों को डरा दिया। कुछ ही मिनटों में लुटेरों ने 4 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण लूट लिए। 

यह महज एक संयोग ही था कि पुलिस अधिकारी उस जगह आए हुए थे, नहीं तो उनका भागना आसान हो जाता। पुलिस चौकी के प्रभारी मंडल किसी निजी काम से उसी दुकान के पड़ोस में आए हुए थे। वे सादे कपड़ों में थे, लेकिन उनके पास सर्विस रिवॉल्वर थी। पुलिस अधिकारी ने आभूषण की दुकान के पास हलचल देखी। उन्होंने इलाके के लोगों के डरे हुए चेहरे देखे तो उन्हें शक हुआ।

सब-इंस्पेक्टर मेघनाद मंडल दुकान के बगल में एक बिजली के खंभे के पीछे खड़े हो गए और अपनी रिवॉल्वर तैयार कर ली। इसी दौरान दुकान के बाहर पहरा दे रहे लुटेरों में से एक ने उन्हें देख लिया। उसने अपने साथियों को अलर्ट कर दिया। जिसके बाद वे गोलियां चलाने लगे। अगले 30 सेकंड तक पुलिस अधिकारी ने लुटेरों की गोलियों का डटकर सामना किया, जवाबी फायरिंग की और खंभे के पीछे छिपे रहे। उनकी एक गोली एक लुटेरे को लगी और वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। तब तक दूसरे लुटेरे भी गोलीबारी में शामिल हो गए थे। 

हालांकि मेघनाद मंडल अपनी जगह पर डटे रहे और निडरता से लुटेरों की गोलियों का जवाब देते रहे। अकेले पुलिस अधिकारी की बहादुरी से घबराए अपराधियों ने भागने का फैसला किया। उन्होंने अपने घायल साथी को बाइक पर बिठाया और करीब 1.8 करोड़ रुपये के आभूषण लूटकर भाग गए। जल्दबाजी में वे अपनी एक बाइक, करीब 2.5 करोड़ रुपये के आभूषण, दो बैग और 42 राउंड गोलियां छोड़कर भाग गए।

लेकिन पुलिस अधिकारी हार मानने के मूड में नहीं थे और भागते हुए लुटेरों के पीछे भागने लगे, जबकि अपराधी लगातार फायरिंग कर रहे थे। जब मंडल को लगा कि वे दोपहिया वाहन को नहीं पकड़ सकते, तो उन्होंने आस-पास के पुलिसकर्मियों को सूचित किया। पड़ोसी झारखंड में भी अलर्ट भेजा गया।

इस बीच लुटेरों ने एक कार के ड्राइवर पर गोली चलाई और गाड़ी को हाईजैक कर लिया। फायरिंग में ड्राइवर और एक पैदल यात्री घायल हो गए। अब तक झारखंड पुलिस हरकत में आ चुकी थी और गाड़ी को जब्त करने और आरोपियों में से एक सूरज सिंह को हिरासत में लेने में कामयाब रही। आगे की जांच में पुलिस सोनू सिंह नाम के अपराधी तक पहुंची। वह मंडल के साथ गोलीबारी में घायल हो गया था। उसे कल बिहार के सीवान से गिरफ्तार किया गया। बंगाल पुलिस के अनुसार, वे हिरासत में लिए गए दो आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं और जल्द ही अन्य लोगों का पता लगा लेंगे। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि लूट का माल भी बरामद कर लिया जाएगा।