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संदेशखाली जाने से भाजपा-कांग्रेस को रोका, अब नाव से पहुंच गई ममता सरकार की टीम

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली जाने से भाजपा और कांग्रेस को रोक दिया गया लेकिन अब पश्चिम बंगाल बाल संरक्षण आयोग की टीम संदेशखाली पहुंची है। यहां महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं।

 संदेशखाली जाने से भाजपा-कांग्रेस को रोका, अब नाव से पहुंच गई ममता सरकार की टीम
Ankit Ojhaलाइव हिन्दुस्तान,कोलकाताSat, 17 Feb 2024 12:03 PM
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पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के यौन शोषण का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। वहीं जब भाजपा सासंदों की टीम और कांग्रेस नेताओं ने संदेशखाली जाने की कोशिश की तो उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। पुलिस ने शांति में खलल पड़ने की बात कहकर उन्हें बाहर ही रोक दिया। वहीं अब पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (WBCPCR) की टीम संदेशखाली पहुंच गई है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक यह टीम नदी के रास्ते नाव से संदेशखाली के धमाखाली गांव पहुंची है। 

बता दें कि संदेशखाली की महिलाओं का कहना है कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उसके साथी कई सालों से उनका यौन शोषण करते थे। वे डरा धमकाकर उनकी जमीनों पर कब्जा कर लेते थे और परिवार के पुरुष सदस्यों की पिटाई करते थे। इस काम में उनका साथ पुलिस भी देती थी। शाहजहां शेख के खिलाफ संदेशखाली की महिलाएं सड़क पर उतर चुकी हैं। वहीं राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने शांति में खलल पड़ने का हवाला देकर राजनीतिक दलों की एंट्री पर रोक लगा दी है। 

भाजपा ने 16 फरवरी को दो मंत्रियों और चार अन्य सांसदों की एक टीम को संदेशखाली भेजा था। हालांकि राज्य की पुलिस ने इसे रास्ते में ही रोक दिया। टीम का कहना था कि वह जानना चाहती है कि आखिर संदेशखाली में क्या हुआ और वहां  जाने से लोगों को रोका क्यों जा रहा है। वहीं कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी भी संदेशखाली जाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हो गई। इसके बाद अधीर रंजन चौधरी धरने पर बैठ गए। 

भाजपा की 6 सदस्यीय टीम संदेशखाली नहीं जा सकी और उसे वापस लौटना पड़ा। टीम की संयोजक केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णआ देवी ने कहा, हम पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना चाहते थे लेकि नहमें रोक दिया गया। अगर पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया होता तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। शाहजहां के गुंडे महिलाओं को प्रताड़ित करने में लगे हैं और ममता सरकार चुप्पी साधे है। यह सरकार गुंडों की सरकार बन गई है। इसके बाद यह टीम राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मिलने चली गई। 

 

बता दें कि आरोपी शाहजहां शेख के ठिकाने पर ईडी ने भी छापेमारी की थी। इस दौरान शेख के गुर्गों ने ईडी की टीम पर हमला कर दिया जिसमें कई अधिकारी घायल हो गए। इसके बाद से ही शाहजहां फरार है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है। संदेशखाली में उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन हो रहे हैं। संदेशखाली के अलावा आसपास के 7 ग्राम पंचायतों में धारा 144 लागू कर दी गई है।

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