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11 जुलाई, 2020|7:22|IST

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पश्चिम बंगाल में अम्फान से तबाही, बिजली-पानी को तरस रहे लोग, ममता बनर्जी सरकार ने मांगी सेना से मदद

mamata banerjee

पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान की वजह से हुई तबाही के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए शनिवार को सेना, रेलवे और बंदरगाह से मदद मांगी है। सरकार ने निजी संस्थाओं से भी इस उद्देश्य के लिये कर्मियों और उपकरणों को उपलब्ध कराने को कहा है। 

गृह विभाग ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा कि प्रदेश सरकार ने एकीकृत कमान के तौर पर आवश्यक आधारभूत ढांचों और सेवाओं को बहाल करने के लिये अधिकतम ताकत झोंक दी है। उसने ट्वीट किया, ''सेना की मदद मांगी गई है, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के दस्ते तैनात हैं, रेलवे, बंदरगाह और निजी क्षेत्र से भी आपूर्ति दल और उपकरणों के लिए अनुरोध किया गया है।''

विभाग ने कहा कि पीने का पानी और पानी की निकासी के लिए आधारभूत ढांचे को तेजी से बहाल किया जा रहा है और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से उन इलाकों में पानी की थैलियां वितरित करने के कहा गया है जहां अभी समस्या है। गृह विभाग ने कहा, ''जहां जरूरत है वहां जनरेटरों को किराये पर लिया जा रहा है। विभिन्न विभागों और निकायों के 100 से ज्यादा दल गिरे हुए पेड़ों को काटने में लगे हुए हैं जो मुहल्लों में बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिये अहम है।''

पश्चिम बंगाल में चक्रवात अम्फान के कारण 85 लोगों की जान चली गई है। वहीं कोलकाता में नाराज लोगों ने तीन दिन बाद भी स्थिति सामान्य कर पाने में प्रशासन की विफलता के खिलाफ प्रदर्शन किया और शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों को बाधित कर दिया।

चक्रवात के कारण जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित होने के बाद, प्रशासन के तमाम अधिकारी राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जुटे हुए हैं। राज्य में बुधवार को चक्रवात अम्फान के भीषण तबाही मचाने के बाद लाखों लोग बेघर हो गए, कई घर बर्बाद हो गए, हजारों पेड़ उखड़ गए और निचले इलाके जलमग्न हो गए।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य के करीब 1.5 करोड़ लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं और चक्रवात के कारण 10 लाख से ज्यादा घर बर्बाद हो गए। कोलकाता के कुछ हिस्सों और उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना में भले ही बिजली और मोबाइल सेवाएं बहाल कर ली गईं हैं लेकिन बिजली के खंभे उखड़ जाने और संचार लाइनें टूट जाने से अब भी कई इलाके अंधकार में डूबे हुए हैं।

कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में लोग बिजली और पानी की तत्काल आपूर्ति बहाल करने की मांग के साथ शुक्रवार रात से प्रदर्शन कर रहे हैं और सड़कें बाधित की हुई हैं। कोलकाता नगर निगम प्रशासक बोर्ड के प्रमुख फरहाद हाकिम ने आश्वासन किया है कि एक हफ्ते के भीतर स्थिति सामान्य हो जाएगी क्योंकि सरकारी अधिकारी स्थिति में सुधार के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

 

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  • Web Title:amphan in West Bengal mamata banerjee seeks Indian Army support