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21 जुलाई, 2020|11:03|IST

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जिस नंदीग्राम और सिंगूर ने दिलाई ममता बनर्जी को सत्ता, वहीं राहत वितरण भ्रष्टाचार में घिर गई TMC

mamata banerjee

जिस नंदीग्राम और सिंगूर ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को सत्ता दिलाई, वहीं पार्टी राहत वितरण में भ्रष्टाचार को लेकर घिर गई है। तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम इलाके में पंचायत स्तर के 200 नेताओं और कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन पर 20 मई को आए अम्फान तूफान के पीड़ितों में नकदी राहत वितरण में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इनमें से 50 से अधिक लोगों ने 20 हजार रुपए की मुआवजा राशि को वापस कर दिया है, जिसे सरकार ने घरों की मरम्मत के लिए दावा करने वालों के बैंक अकाउंट में भेजा था। बंगाल के किसी इलाके में इतने लोगों पर आरोप नहीं लगा है। दक्षिण बंगाल के जिलों में इस तरह की हजारों शिकायतें हैं। 

टीएमसी के लोकसभा सदस्य और पूर्वी मिदनापुर यूनिट के पार्टी प्रमुख शिशिर अधिकारी ने कहा, ''टीएमसी सभी 25 कम्युनिटी ब्लॉक्स में सर्वे करेगी और गलत काम करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'' टीएमसी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने रविवार को कहा कि भाई-भतीजावाद में शामिल लोगों को पार्टी दंडित करेगी।

इसी नंदीग्राम से टीएमसी के लिए सत्ता का रास्ता निकला था। यहां एक कैमिकल हब के लिए किसानों की भूमि के अधिग्रहण को लेकर टीएमसी ने आंदोलन चलाया। लेफ्ट फ्रंट की सरकार के दौरान यहां जमकर हिंसा हुई और 2011 में ममता बनर्जी ने लेफ्ट से सत्ता छीन ली। 2007 में पुलिस की फायरिंग में 14 ग्रामीणों की मौत के बाद यहां दो साल तक हिंसा का दौर चला। 

यह माना जाता है कि नंदीग्राम आंदोलन और हुगली जिले के सिंगूर में टाटा नैनो के लिए प्रस्तावित जमीन को लेकर चलाए गए आंदोलन की वजह से ही ममता बनर्जी लेफ्ट को हटाकर सत्ता में आ पाईं। इन दो घटनाओं ने राज्य को हिला डाला और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बनीं। इससे जनता का मत बुद्धदेव भट्टाचार्य की सरकार के खिलाफ हो गया।  

सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा, ''टीएमसी ने माओवादियों की मदद से नंदीग्राम में हिंसा कराई। सत्ता में आने के बाद बनर्जी ने नई इंस्ट्रीज के जरिए नंदीग्राम को बदलने का वादा किया। यह कभी नहीं हुआ और लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ा। अब वह सत्ताधारी पार्टी की लूट देख रहे हैं।'' 

बीजेपी ने सोमवार को सिंगुर में भी आंदोलन शुरू किया। आरोप है कि त्रिपाल मांगने आई एक महिला का टीएमसी कार्यकर्ता ने रेप किया। बीजेपी का आरोप है कि महिला और उसके पति को धमकी दी गई और पुलिस के पास ना जाने को कहा गया। बीजेपी की बंगाल महिला मोर्चा की प्रमुख अग्निमित्र पाउल ने सिंगुर पुलिस स्टेशन में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, ''महिला के दो बच्चे हैं। उसके साथ रेप किया गया और धमकी दी गई।'' पुलिस थाने में एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत दर्ज की गई है। 

इस बीच कम्युनिटी ब्लॉक डिवेलपमेंट कार्यालयों को मुआवजे के लिए अब भी लोगों के आवेदन मिल रहे हैं। 2021 चुनाव से पहले बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार को एक वेबसाइट लॉन्च की जिस पर वंचित लोग अपनी शिकायत दे सकते हैं। इसके जवाब में टीएमसी ने बीजेपी पर नॉर्थ 24 परगना में भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया है। 
 

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  • Web Title:allegation of corruption on tmc workers in Amphan relief distribution in nandigram and singur