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Hindi News पश्चिम बंगालपोर्ट निर्माण से कटा अडानी का पत्ता? कोई भी कंपनी लगा सकती है बोली; ममता के ऐलान के क्या मायने

पोर्ट निर्माण से कटा अडानी का पत्ता? कोई भी कंपनी लगा सकती है बोली; ममता के ऐलान के क्या मायने

पश्चिम बंगला की सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि ताजपुर गहरे समुद्री बंदरगाह के विकास के लिए जल्द ही एक टेंडर जारी की जाएगी। पहले अडाणी समूह को यह परियोजना सौंपने की बात कही गई थी।

पोर्ट निर्माण से कटा अडानी का पत्ता? कोई भी कंपनी लगा सकती है बोली; ममता के ऐलान के क्या मायने
Himanshu Tiwariभाषा,कोलकाताTue, 21 Nov 2023 11:21 PM
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि ताजपुर गहरे समुद्री बंदरगाह के विकास के लिए जल्द ही एक टेंडर जारी की जाएगी। पहले अडाणी समूह को यह परियोजना सौंपने की बात कही गई थी। बनर्जी के इस ऐलान से गहरे समुद्री बंदरगाह वाली इस परियोजना को लेकर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।

यह परियोजना पहले अक्टूबर 2022 में अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड (एपीएसईजेड) को दी जानी वाली थी। एपीएसईजेड इसके लिए लगाई गई दो अंतिम बोलियों में सबसे कम की बोली लगाने वाली (एल-1) बोलीदाता थी। उस समय जेएसडब्ल्यू ग्रुप भी एक दावेदार था। बनर्जी ने यहां आयोजित बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन (बीजीबीएस) को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में गेम-चेंजिंग अवसर हैं। उन्होंने कहा, "पहला अवसर ताजपुर में प्रस्तावित गहरे समुद्र का बंदरगाह है जो निविदा के लिए तैयार है। आप निविदा में भाग ले सकते हैं। यह तीन अरब डॉलर यानी 25,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करेगा।"
     
इस सम्मेलन से अडाणी समूह की गैरमौजूदगी ने भी ताजपुर बंदरगाह परियोजना में उसकी भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सूत्र ने पीटीआईसे कहा, "यह एक राजनीतिक मजबूरी हो सकती है।" सूत्रों ने कहा कि अडाणी पोर्ट "पीछे नहीं हटी" है और परियोजना आवंटन पत्र का इंतजार कर रही है। आवंटन पत्र पिछले दिनों सौंपे गए आवंटन आशय पत्र (एलओआईए) के बाद आगे बढ़ने के लिए जरूरी दस्तावेज है।

 खुद बनर्जी ने अक्टूबर, 2022 में एपीएसईजेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी करण अडाणी को एलओआईए सौंपा था। ताजपुर परियोजना के लिए निविदा में भाग लेने के लिए उद्योगपतियों को दिए गए न्योते पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव एच के द्विवेदी से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के लिए अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।