100 मीटर दूर ही बीजेपी की रैली, शोर सुनकर मंच छोड़ चली गईं ममता बनर्जी; भिड़ गए कार्यकर्ता

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ममता बनर्जी के चुनावी क्षेत्र भबानीपुर में उनकी एक रैली के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि बीच में ही भाषण छोड़कर वह चली गईं। दरअसल पास में ही बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी की भी रैली थी। शोर से डिस्टर्ब होकर ममता बनर्जी वहां से चली गईं। 

100 मीटर दूर ही बीजेपी की रैली, शोर सुनकर मंच छोड़ चली गईं ममता बनर्जी; भिड़ गए कार्यकर्ता

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार जोर-शोर से चल रहा है। वहीं शनिवार को एक अजीब स्थिति देखने को मिली। भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली थी। उनके रैली स्थल से मुश्किल से 100 मीटर दूर ही बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी की सभा हो रही थी। ऐसे में टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने उनकी रैली में बाधा पैदा करने के लिए पास ही रैली आयोजित की है लाउडस्पीकर भी उनके मंच की ओर कर दिए हैं।

ममता बनर्जी ने बीच में ही छोड़ दिया भाषण

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने उनके भाषण में बाधा डालने के लिए जोर से अपने लाउडस्पीकर बजा दिए। इसके बाद उन्होंने झल्लाकर अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और वहां मौजूद लोगों से माफी मांगकर चली गईं।

ममता बनर्जी के जाने के बाद टीएमसी कार्यकर्ता अधिकारी की रैली की तरफ चल पड़े और विरोध करने लगे। इसके बाद जमकर नारेबाजी हुई। टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। हालांकि वहां तैनात पुलिसबल ने लोगों को तितर-बितर कर दिया। उस समय तक शुभेंदु अधिकारी जनसभा में नहीं पहुंचे थे। बाद में उन्होंने कहा कि बंगाल में गुंडा राज चल रहा है जिसको मुंहतोड़ जवाब देना है।

बीजेपी के आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने हार के डर से अपना आपा खो दिया है। बता दें कि भवानीपुर सीट पर टीएमसी की मजबूत पकड़ मानी जाती है। इस सीट पर 2011 से ममता बनर्जी ने तीन बार जीत दर्ज की है। 29 अप्रैल को अन्य 141 सीटों के साथ भवानीपुर सीट पर भी मतदान होना है। पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो चुका है। 4 मई को पश्चिम बंगाल के साथ ही पांच राज्यों के चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

बदले गए दो थाने के प्रभारी

कोलकाता पुलिस ने शनिवार को कालीघाट और अलीपुर पुलिस थानों के लिए नए थाना प्रभारियों (ओसी) की नियुक्ति की। ये दोनों थाने चर्चित भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी से है।पुलिस आयुक्त अजय नंद द्वारा जारी आदेश में कहा गया गया है कि ये तबादले मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि विशेष शाखा के निरीक्षक गौतम दास को कालीघाट थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि दक्षिण संभाग के निरीक्षक सुब्रत पांडेय को अलीपुर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष शाखा के निरीक्षक उत्तम कुमार पाइक को कालीघाट थाने का अतिरिक्त थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।

Ankit Ojha

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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