जय बांग्ला vs जय श्रीराम... पोलिंग बूथ के पास शुभेंदु अधिकारी और TMC समर्थकों के बीच तीखी भिड़ंत; VIDEO

Pramod Praveen पीटीआई, कोलकाता
share

Joy Bangla Vs Jai Sri Ram: कालीघाट इलाके में शुभेंदु अधिकारी जब पोलिंग बूथ पर पहुंचे तो  TMC कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और जय बंगला के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसे देखते हुए अधिकारी भी जय श्रीराम के नारे लगाने लगे।

जय बांग्ला vs जय श्रीराम... पोलिंग बूथ के पास शुभेंदु अधिकारी और TMC समर्थकों के बीच तीखी भिड़ंत; VIDEO

Joy Bangla Vs Jai Sri Ram: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के मतदान के दौरान आज बुधवार को भबानीपुर में एक मतदान केंद्र के बाहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। इससे वहां तनाव बढ़ गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों और पुलिस को हल्का लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी।

दरअसल, हुआ ये कि कालीघाट इलाके में मतदान के बीच शुभेंदु अधिकारी जब पोलिंग बूथ पर पहुंचे तो तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और वहां "जय बंगला" के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसे देखते हुए अधिकारी भी अपने समर्थकों संग जय श्रीराम के नारे लगाने लगे।

इसके थोड़ी ही देर बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की शुरू हो गयी। अधिकारी ने जय श्री राम के साथ-साथ हिन्दू-हिन्दू, भाई-भाई के नारे भी लगाए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

केंद्रीय बलों को करना पड़ा हस्तक्षेप

स्थिति बिगड़ने पर केंद्रीय बलों और कोलकाता पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर किया। पुलिस के अनुसार अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मुख्यमंत्री और तृणमूल उम्मीदवार ममता बनर्जी का निवास भवानीपुर के कालीघाट में है। यह इस चुनाव में राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में शामिल है।

अधिकारी ने टीएमसी समर्थकों को बाहरी और बांग्लादेशी मुसलमान कहा

भाजपा उम्मीदवार अधिकारी ने घटना के दौरान आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मतदाताओं को प्रभावित और भयभीत करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मतदान की रफ्तार धीमी है और केंद्रीय बलों की मौजूदगी से तृणमूल घबराई हुई है। अधिकारी ने कहा, "ममता उम्मीदवार हैं, बूथ जा सकती हैं, लेकिन इतने लोगों के साथ आकर क्या मतदाताओं को डराने की कोशिश हो रही है?" तृणमूल समर्थकों के "जय बंगला" नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी ने विवादास्पद टिप्पणी भी की और कहा कि मुसलमान जय बंगला के नारे लगा रहे हैं, जबकि हिन्दू भाजपा के साथ हैं। अधिकारी ने टीएमसी समर्थकों को बाहरी और बांग्लादेशी मुसलमान भी कहा। उन्होंने ये भी कहा कि ममता का सूपड़ा साफ हो जाएगा।

नंदीग्राम में ममता को शुभेंदु ने हराया था

उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर अधिकारी ने ममता बनर्जी को करीबी अंतर से हराया था, हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में प्रचंड बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। बाद में ममता बनर्जी भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं। भवानीपुर में यह सीधा मुकाबला राज्य की राजनीति के सबसे प्रतीकात्मक चुनावी संघर्षों में गिना जा रहा है जिस पर पूरे देश की निगाहें लगी हैं।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें