जय श्री राम बोलें, 500 रुपये की छूट पाएं; बंगाल के डॉक्टर का अनोखा ऑफर! मचा बवाल

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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पश्चिम बंगाल में 'जय श्री राम' बोलने पर डॉक्टर की फीस में 500 रुपये की छूट! कोलकाता के कार्डियोलॉजिस्ट के इस अनोखे ऑफर पर राजनीतिक विवाद शुरू। पढ़ें पूरी खबर और जानें इसके पीछे की वजह।

जय श्री राम बोलें, 500 रुपये की छूट पाएं; बंगाल के डॉक्टर का अनोखा ऑफर! मचा बवाल

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) के अनोखे ऑफर ने राजनीतिक गलियारों में विवाद खड़ा कर दिया है। डॉक्टर ने घोषणा की है कि जो भी मरीज उनके क्लिनिक में आकर 'जय श्री राम' कहेगा, उसे कंसल्टेशन फीस में 500 रुपये की भारी छूट दी जाएगी। डॉक्टर ने अपने इस कदम को राज्य में 'राजनीतिक बदलाव' की उम्मीद से जोड़ा है।

ऑफर की मुख्य बातें

इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पी.के. हाजरा ने यह छूट केवल दक्षिण कोलकाता स्थित अपने निजी चेंबर पर लागू की है। वे एक प्राइवेट अस्पताल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक भी हैं, लेकिन वहां यह छूट लागू नहीं होगी।

डॉ. हाजरा ने अपने क्लिनिक पर एक पोस्टर लगाया है, जिसमें वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दुपट्टा पहने नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया पर भी शेयर की है। डॉक्टर के मुताबिक, यह पोस्टर उनके ही एक मरीज ने तैयार किया था।

डॉ. हाजरा का तर्क: बंगाल में स्वास्थ्य सेवाओं के हालात सुधरें

पीटीआई से बात करते हुए डॉ. हाजरा ने कहा कि यह पूरी तरह से उनके दिमाग की उपज है। उन्होंने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा: पिछले कई वर्षों में एक डॉक्टर के तौर पर मैंने मरीजों के सवाल झेले हैं कि आखिर उन्हें इलाज के लिए दूसरे राज्यों में क्यों जाना पड़ता है। जब भी मैं बंगाल के मरीजों को इलाज के लिए असम, ओडिशा या दक्षिण भारत जाते देखता हूं, तो मुझे बहुत बुरा लगता है। इसके विपरीत दूसरे राज्यों से लोग यहां नहीं आते। मुझे लगता है कि इस चलन को बदलने की जरूरत है। डॉक्टर ने आगे कहा कि वह सीधे तौर पर भाजपा से नहीं जुड़े हैं, लेकिन वह भाजपा शासित अन्य राज्यों की प्रगति के प्रशंसक हैं।

टिकट की थी उम्मीद

डॉ. हाजरा ने स्वीकार किया कि उन्हें अपने गृह जिले पश्चिम मेदिनीपुर के पिंगला से भाजपा का टिकट मिलने की उम्मीद थी। जब ऐसा नहीं हुआ, तो उन्होंने लोगों को राज्य में बदलाव के लिए वोट करने हेतु प्रेरित करने का यह अनोखा तरीका निकाला। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काम की तारीफ भी की, लेकिन कहा कि अन्य राज्यों की विकास गति को देखते हुए बंगाल पिछड़ रहा है। उनके अनुसार, केंद्र और टीएमसी सरकार के बीच चल रही "खींचतान" का सीधा असर राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ा है।

टीएमसी (TMC) का कड़ा प्रहार:

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पेशे से चिकित्सक डॉ. निर्मल माझी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया: डॉ. हाजरा अपनी जुटाई गई अपार संपत्ति की रक्षा करने के लिए भाजपा का पक्ष लेने की कोशिश कर रहे हैं। वह खुद को बचाने के लिए भाजपा की 'वाशिंग मशीन' में घुसकर अपनी छवि साफ करना चाहते हैं। माझी ने यह भी दावा किया कि ऐसे कदमों से भाजपा को चुनाव जीतने में कोई मदद नहीं मिलेगी क्योंकि जनता का समर्थन टीएमसी के साथ है।

भाजपा (BJP) ने किया स्वागत

भाजपा के राज्यसभा सांसद और बंगाल के पूर्व भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने डॉ. हाजरा के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा: मुझे लगता है कि यह पहल अन्य डॉक्टरों को भी आगे आने और ऐसे फैसले लेने के लिए प्रेरित करेगी, ताकि राज्य के स्वास्थ्य ढांचे की बेहतरी के लिए बदलाव लाया जा सके। बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, और मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी।

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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