Explainer: मुस्लिम वोटबैंक वाली सीटों पर भी TMC की कैसे बढ़ रही परेशानी, भाजपा को किनसे फायदा

Surya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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कुछ इलाकों में भ्रम की स्थिति भी बन सकती है और टाइट फाइट के मुकाबलों में यदि मुसलमानों के कुछ हजार वोट भी इधर के उधर हुए हालात बदल सकते हैं। इसके अलावा मुस्लिमों के एक वर्ग में टीएमसी से नाराजगी की भी बात है। उनका कहना है कि ममता बनर्जी को वोट देने के लिए हम भाजपा के टारगेट पर रहते हैं।

मुस्लिम वोटबैंक वाली सीटों पर भी TMC की कैसे बढ़ रही परेशानी, भाजपा को किनसे फायदा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भाजपा मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप लगाती रही है। बंगाल की मुस्लिम बहुल सीटों पर टीएमसी का रिकॉर्ड भी रहा है कि वह बीते तीन चुनावों से लगातार यहां अव्वल रही है। यहां तक कि उस बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी जैसे नेता हार गए, जहां से वह लगातार जीतते रहे थे। यहां से टीएमसी के टिकट पर उतरे पूर्व क्रिकेटर युसूफ पठान जीते थे। माना गया था कि मुस्लिमों का समर्थन एकतरफा तौर पर टीएमसी को चला गया और कांग्रेस के लोकप्रिय नेताओं में से एक अधीर रंजन चौधरी हार गए। क्या इस बार भी वही स्थिति बनेगी कि मुस्लिम वोट एकतरफा तौर पर टीएमसी को पड़ेगा या कुछ बदलाव हो सकता है?

यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि टीएमसी के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगने के कयास हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ ममता सरकार में ही रहे हुमायूं कबीर अपना एक अलग दल आम आदमी उन्नयन पार्टी बनाकर मैदान में उतरे हैं तो वहीं कांग्रेस, सीपीएम और AISF ने गठबंधन कर लिया है। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी कई सीटों पर उतरी है। इस तरह मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए तीन अलग-अलग धड़े मौजूद हैं। ऐसे में टीएमसी के साथ कितने मुस्लिम कहां पर बने रहेंगे, यह कहना मुश्किल होगा। हालांकि मुस्लिमों की उस रणनीति से टीएमसी को उम्मीद है, जिसके तहत वह भाजपा के खिलाफ मजबूत दिखने वाले दल को वोट करते रहे हैं।

टीएमसी को लगता है कि इस मामले में उसे कोई दूसरा दल टक्कर नहीं दे पा रहा। हालांकि कुछ इलाकों में भ्रम की स्थिति भी बन सकती है और टाइट फाइट के मुकाबलों में यदि मुसलमानों के कुछ हजार वोट भी इधर के उधर हुए हालात बदल सकते हैं। इसके अलावा मुस्लिमों के एक वर्ग में टीएमसी से नाराजगी की भी बात है। उनका कहना है कि ममता बनर्जी को वोट देने के लिए हम भाजपा के टारगेट पर रहते हैं। फिर भी टीएमसी ने हमसे कोई हमदर्दी नहीं दिखाई।

वक्फ ऐक्ट में ऐसा क्या हुआ कि ममता से गुस्सा हैं मुस्लिम

वक्फ कानून के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों के दौरान 150 लोगों को अरेस्ट किया गया था। इसी को लेकर लोगों में गुस्सा है। एक मुस्लिम शख्स ने कहा कि ममता बनर्जी का कहना था कि वक्फ ऐक्ट के खिलाफ हमें दिल्ली जाकर प्रदर्शन करना चाहिए। लेकिन यह कैसा समर्थन था कि जब हमने बंगाल में प्रदर्शन किए तो हमें यहीं अरेस्ट कर लिया गया। एक अन्य मुस्लिम लीडर ने कहा कि ममता बनर्जी ने ऐसा कुछ नहीं किया है, जिसे लेकर यह कहा जाए कि मुस्लिमों के अधिकारों को उन्होंने सुरक्षा दी। इससे इतर हम लगातार टारगेट पर जरूर रहे हैं। इन्हीं फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए टीएमसी के नेता मुर्शिदाबाद, मालदा, बहरामपुर जैसे इलाकों में ऐक्टिव हैं।

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