कूचबिहार में किसकी आएगी बहार, कैसे बंगाल का गेम पलटने का दम रखती हैं 9 सीटें
भाजपा ने 2021 में कुल 77 सीटें पाई थीं और यह बड़ी सफलता थी क्योंकि 2016 में वह 3 ही जीत सकी थी। अब यदि भाजपा ने अपना स्कोर पूरे प्रदेश में बढ़ाया तो यहां की 9 सीटें भी अहम होंगी। इसी तरह टाइट फाइट की स्थिति में टीएमसी भी चाहेगी कि उसकी हालत यहां बेहतर रहे और ममता बनर्जी खुद इसके लिए ऐक्टिव हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार फिलहाल जोरों पर है। भाजपा की ओर से होम मिनिस्टर अमित शाह आज संकल्प पत्र जारी करेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत केंद्र सरकार के तमाम दिग्गज चुनाव प्रचार में जुटे हैं। इसके अलावा ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी भी टीएमसी के लिए प्रचार में खुद को झोंके हुए हैं। इस बीच कुछ ऐसे इलाके भी हैं, जो चुनाव के नजरिए से बेहद अहम हैं और पूरा इलेक्शन के समीकरण ही यहां से बदल सकते हैं। ऐसा ही एक जिला कूचबिहार है। यहां की लोकसभा सीट से फिलहाल टीएमसी का सांसद है, लेकिन 2021 में भाजपा ने यहां की 9 में से 6 सीटों पर जीत हासिल की थी।
भाजपा ने 2021 में कुल 77 सीटें पाई थीं और यह बड़ी सफलता थी क्योंकि 2016 में वह 3 ही जीत सकी थी। अब यदि भाजपा ने अपना स्कोर पूरे प्रदेश में बढ़ाया तो यहां की 9 सीटें भी अहम होंगी। इसी तरह टाइट फाइट की स्थिति में टीएमसी भी चाहेगी कि उसकी हालत यहां बेहतर रहे। इस चुनाव में कूचबिहार की सभी 9 सीटों पर कड़े संघर्ष वाले मुकाबलों की उम्मीद की जा रही है। मेकलीगंज, माथभंग, कूचबिहार उत्तर, कूचबिहार दक्षिण, सिताई, दिनहाता समेत सभी सीटों पर कड़ा मुकाबला है और भाजपा को यहां उम्मीद इसलिए अधिक है क्योंकि यहां राजबंशी समुदाय की अच्छी खासी आबादी है। राजबंशी समुदाय की बंगाल की अनुसूचित जातियों में 19 फीसदी हिस्सेदारी है।
2021 में राजबंशी समुदाय ने भाजपा को किया था समर्थन
खासतौर पर कूचबिहार में इनकी अच्छी खासी संख्या पाई जाती है। 2021 के चुनाव में राजबंशी समुदाय का वोट बड़े पैमाने पर भाजपा के साथ गया था। यही नहीं यहां से निकलकर उत्तर बंगाल की कुल 54 सीटों पर इनका प्रभाव है। ऐसे में भाजपा या फिर ममता बनर्जी में से कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता। हालात ऐसे हैं कि ममता बनर्जी ने राजबंशी समुदाय से आने वाले भाजपा के सांसद अनंत महाराज को राजकीय सम्मान 'बंग बिभूषण' से नवाजा है। इस बीच भाजपा ने एक और राजबंशी नेता बांगशीबदान बर्मन को अपने पाले में लिया है।
राजबंशी समुदाय के दो नेता पीएम मोदी के मंच पर दिखे
ये दोनों ही नेता अलग-अलग धड़ों का नेतृत्व करते रहे हैं, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी की कूचबिहार में हुई रैली के दौरान दोनों मंच पर थे। इस तरह भाजपा ने राजबंशी समुदाय के सभी वर्गों को साधने का प्रयास किया है। भाजपा को उम्मीद है कि कूचबिहार में उसे एक बार फिर से अच्छा समर्थन मिलेगा। 2024 के आम चुनाव में भी भाजपा कैंडिडेट काफी अंतर से ही पिछड़ा था। इससे भाजपा को लगता है कि इस इलाके में अब भी उसकी अच्छी पकड़ बनी हुई है। भाजपा की तैयारियों को इससे समझा जा सकता है कि उसने यहां के सभी 6 विधायकों को हटा दिया है और नए चेहरे मैदान में उतारे हैं। यहां तक कि केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक भी यहां की एक सीट से मैदान में उतरे हैं।
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