Hindi Newsपश्चिम बंगाल न्यूज़BJP complained to Election Commission West Bengal IAS And Officers transfers Before SIR
SIR से पहले ममता बनर्जी सरकार ने किया 'खेला', EC के पास पहुंची BJP; अब क्या होगा?

SIR से पहले ममता बनर्जी सरकार ने किया 'खेला', EC के पास पहुंची BJP; अब क्या होगा?

संक्षेप: पश्चिम बंगाल भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर एसआईआर घोषणा के बाद 235 अधिकारियों के तबादलों को नियमों का उल्लंघन बताते हुए शिकायत की है। पार्टी ने चुनाव आयोग की अनुमति के बिना हुए इन 'अनियमित तबादलों' को तुरंत रद्द करने की मांग की है।

Mon, 27 Oct 2025 06:18 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा से कुछ घंटे पहले ममता बनर्जी सरकार ने सोमवार को विभिन्न जिलों में 200 से अधिक नौकरशाहों और वरिष्ठ अधिकारियों का व्यापक तबादला करने की अधिसूचना जारी कर दी। पश्चिम बंगाल सरकार के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने 61 आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारियों और 145 वेस्ट बंगाल सिविल सर्विस (डब्ल्यूबीसीएस) कार्यकारी अधिकारियों का स्थानांतरण किया। यह हाल के वर्षों में एक साथ हुए सबसे बड़े तबादलों में से एक माना जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा ने इन तबादलों को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर एसआईआर घोषणा के बाद 235 अधिकारियों (जिनमें 17 जिलाधिकारी, 22 अतिरिक्त जिलाधिकारी, 45 उप-विभागीय अधिकारी और 151 ब्लॉक विकास अधिकारी शामिल हैं) के तबादलों को नियमों का उल्लंघन बताते हुए शिकायत की है। पार्टी ने चुनाव आयोग की अनुमति के बिना हुए इन 'अनियमित तबादलों' को तुरंत रद्द करने की मांग की है।

तबादले में शामिल प्रमुख अधिकारी

इस बड़े फेरबदल में 10 जिलाधिकारी, कई विशेष सचिव स्तर के अधिकारी, विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी), तथा आईएएस और डब्ल्यूबीसीएस दोनों कैडरों के अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) और उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) शामिल हैं। इसके अलावा, हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआईडीसीओ) के प्रबंध निदेशक, कोलकाता नगर निगम के आयुक्त तथा हल्दिया विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी तबादला सूची में शुमार हैं। स्थानांतरित जिलाधिकारियों में उत्तर और दक्षिण 24 परगना, कूच बिहार, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, दार्जिलिंग, मालदा, बीरभूम, झारग्राम तथा पूर्वी मेदिनीपुर जिलों के अधिकारी प्रमुख हैं।

बंगाल में सियासत तेज

अब इसको लेकर बंगाल में सियासत तेज हो गई है। प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा ने इसे ममता बनर्जी सरकार का एसआईआर प्रक्रिया को विफल करने का सुनियोजित प्रयास करार दिया है। भाजपा नेता सजल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी को आशंका है कि एसआईआर के सफल कार्यान्वयन से मतदाता सूची से बड़ी संख्या में फर्जी वोटरों के नाम हटने पर उनकी पार्टी को नुकसान होगा। इसलिए, अंतिम क्षणों में इतने बड़े पैमाने पर फेरबदल कर वे इस प्रक्रिया को बाधित करने का हर संभव प्रयास कर रही हैं।

दूसरी ओर, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने इन तबादलों को 'नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया' बताते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख देबांग्शु भट्टाचार्य ने पलटवार किया करते हुए कहा कि भाजपा बिना आधार के आरोप लगाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। प्रशासन में ऐसे तबादले वर्ष भर नियमित रूप से होते रहते हैं। एसआईआर घोषणा और इन तबादलों के बीच कोई संबंध जोड़ना बेवकूफी है। यह महज विरोध के लिए विरोध है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।