भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए; प्रचार खत्म होते PM मोदी ने बंगाल में चला खुली चिट्ठी वाला दांव, ख़त में क्या-क्या?

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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चिट्ठी में पीएम ने लिखा है कि भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए और राज्य में भाजपा चाहिए। पीएम ने इस पत्र में लिखा है कि अब बंगाल में भाजपा के सीएम की शपथ होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इस शपथ ग्रहण का उत्सव सभी मिलकर मनाएंगे।

भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए; प्रचार खत्म होते PM मोदी ने बंगाल में चला खुली चिट्ठी वाला दांव, ख़त में क्या-क्या?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार की समय-सीमा खत्म होने के बाद राज्यवासियों के नाम एक खुली चिट्ठी लिखी है और लोगों से अपील की है कि सभी मिलकर बंगाल को विकसित बनाने का संकल्प लें। उन्होंने पत्र में भी लिखा है कि बंगाल के लोग विकासित बंगाल के लिए संकल्पित हैं। चिट्ठी में पीएम ने लिखा है कि भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए और राज्य में भाजपा चाहिए। पीएम ने इस पत्र में लिखा है कि अब बंगाल में भाजपा के सीएम की शपथ होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इस शपथ ग्रहण का उत्सव सभी मिलकर मनाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र को ट्वीट करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल के पूरे चुनाव अभियान के दौरान मुझे अपने परिवारजनों का जो अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है, उसने एक नई ऊर्जा से भर दिया है। यहां की युवाशक्ति हो या नारीशक्ति, हमारे किसान भाई-बहन हों, श्रमिक या फिर कारोबारी, सभी ‘विकसित बंगाल’ के लिए संकल्पित हैं। मैंने इस पत्र में उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं…”

पीएम ने ऑडियो क्लिप भी साझा की

प्रधानमंत्री ने एक ऑडियो क्लिप भी साझा की है और ट्वीट कर लिखा," पश्चिम बंगाल के मेरे परिवारजनो, लोकतंत्र के महोत्सव में बीजेपी की विजय का ध्वज फहराने का सुनहरा अवसर आपके सामने है। मुझे विश्वास है कि 29 अप्रैल को आप मतदान का नया रिकॉर्ड बनाएंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर मैंने ऑडियो संदेश के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं…" उन्होंने इस क्लिप में कहा, "हम सभी भाजपा के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह का जश्न मनाएंगे, यह न केवल मेरा विश्वास है, बल्कि आप पर मेरा पूरा भरोसा है।"

चिट्ठी दांव से बंगाल कनेक्ट की कोशिश

चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद ओपेन लेटर के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल के लोगों से कनेक्ट करने की कोशिश की है और जनसंपर्क के इस दांव में उन्होंने लोगों को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के वाकये से अपने बंगाल दौरे को जोड़ा है। उन्होंने लिखा, "जब जनवरी 2024 में अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ था, उससे पहले मैंने 11 दिनों का अनुष्ठान किया था, व्रत किया था। इस चुनाव में भी मुझे वही अनुभूति हुई, जैसी किसी देवी मंदिर में दर्शन के समय होती है।" पीएम ने आगे लिखा, बंगाल की सभी रैलियों में, रोड शो में, मुझे इतने अपनत्व भरे संदेश और चित्र मिले हैं कि मैं उन्हें कभू भूल नहीं सकता। रैलियों और रोड शो के बाद जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं रात में बहुत तसल्ली से उन चित्रों को देखता हूं। आपके प्यार भरे संदेशों को, आपके पत्रों को पढ़ता हूं और अपना जवाब भी लिखवाता हूं।" पीएम ने लिखा है कि यही उनके जीवन की असल पूंजी है।

शपथ ग्रहण समारोह में मुझे फिर से आना होगा

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत प्रचार के आखिरी दिन उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उस पर 'सिंडिकेट राज' चलाने, राजनीतिक हिंसा करने और राज्य में आर्थिक पिछड़ेपन का आरोप लगाया। मोदी ने कहा, ''पश्चिम बंगाल में मैंने जो माहौल महसूस किया है, उससे मैं कह सकता हूं कि चार मई के बाद भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में मुझे फिर से आना होगा।'' इस पर भीड़ ने जोरदार तालियां बजाईं।

बैरकपुर के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस भूमि ने 1857 में भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अब यह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन का आधार तैयार कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के समग्र विकास के लिए पश्चिम बंगाल की प्रगति आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि पूर्वी क्षेत्र का उदय देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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