भारत-बांग्लादेश सीमा पर कसी जाएगी लगाम, केंद्र को 105 एकड़ जमीन देगी ममता बनर्जी सरकार

Mar 02, 2026 05:16 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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पश्चिम बंगाल सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने और चौकियों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार को लगभग 105 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने के सैद्धांतिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जिसमें 17 किलोमीटर लंबे हिस्से पर कंटीले तार की बाड़ लगाने और बीएसएफ की नौ सीमा चौकियों की स्थापना के लिए यह जमीन सौंपी जाएगी।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर कसी जाएगी लगाम, केंद्र को 105 एकड़ जमीन देगी ममता बनर्जी सरकार

पश्चिम बंगाल सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने और चौकियों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार को लगभग 105 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने के सैद्धांतिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय ममता बनर्जी सरकार ने लिया है, जिसमें 17 किलोमीटर लंबे हिस्से पर कंटीले तार की बाड़ लगाने और बीएसएफ की नौ सीमा चौकियों (BOP) की स्थापना के लिए यह जमीन सौंपी जाएगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विशेष मंत्रिस्तरीय समूह ने 'नबन्ना' में बैठक कर प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत किया है, लेकिन अंतिम मंजूरी राज्य कैबिनेट से ली जाएगी। 67 एकड़ जमीन बाड़ लगाने और 18 एकड़ नौ बीओपी के लिए आवंटित की जाएगी, जबकि अतिरिक्त 20-25 एकड़ सरकारी भूमि भी हस्तांतरित करने की सिफारिश है।

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीमा पर बाड़ और चौकियों के निर्माण के लिए बीएसएफ को जमीन सौंपने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार सीमा के 17 किलोमीटर हिस्से पर बाड़ लगाने की योजना बना रही है और इसके लिए राज्य सरकार से जमीन मांगी गई है। बीएसएफ को इस क्षेत्र में नौ सीमा चौकियों के निर्माण के लिए भी भूमि चाहिए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही केंद्रीय एजेंसियों से जुड़े भूमि हस्तांतरण प्रस्तावों की जांच का जिम्मा एक विशेष मंत्रिस्तरीय समूह को सौंपा था।

सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास ने आवश्यक भूमि की मात्रा, स्थान और राज्य द्वारा उपलब्ध कराई जा सकने वाली जमीन पर विचार-विमर्श किया। राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, 17 किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ लगाने के लिए लगभग 67 एकड़ जमीन आवंटित करने का फैसला हुआ है, जबकि नौ बीओपी के निर्माण के लिए करीब 18 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। ये जमीनें वर्तमान में निजी व्यक्तियों के पास हैं और राज्य सरकार बीएसएफ को सौंपने से पहले उन्हें खरीदेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, अगर मुख्यमंत्री कार्यालय प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है, तो इसे राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद जिला प्रशासन आवश्यक भूखंडों के अधिग्रहण के लिए भूस्वामियों से बातचीत शुरू करेगा। इसके अलावा, सूत्रों ने कहा कि मंत्रिस्तरीय समूह द्वारा सीमा से सटे नौ स्थानों पर स्थित लगभग 20-25 एकड़ सरकारी भूमि को भी बीएसएफ को हस्तांतरित करने की सिफारिश की जाने की संभावना है। एक अधिकारी ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाना है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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