बांग्लादेश जाने की कर लो तैयारी, पाताल से निकाल उलटा लटकाएंगे; अमित शाह ने किसे सुनाया?
Amit Shah Warns ahead First Round Voting: शाह ने यह भी वादा किया कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर बांग्लादेश के साथ बंगाल की सीमा को सील कर दिया जाएगा।

Amit Shah Warns ahead First Round Voting: पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनावों के लिए प्रचार का शोर आज मंगलवार (21 अप्रैल) को देर शाम थम गया। इससे पहले वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने को दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में रहने वाले गुंडों को छिपने की कोई जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने मतदाताओं से निडर होकर मतदान करने का आग्रह किया और कहा कि केंद्रीय बल ऐसे उपद्रवियों पर कड़ी नजर रखेंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की रिकॉर्ड 2,450 कंपनियां तैनात की हैं। इन 2450 कंपनियों में लगभग 2.5 लाख जवान शामिल हैं।
शाह ने बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान से पहले शुभेंदु अधिकारी के गढ़ नंदीग्राम से सटे पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर में अपनी अंतिम चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को 'टा टा, गुडबाय' कहा। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, "राज्य की बागडोर संभालने का उनका (ममता का) समय समाप्त हो गया है।" उन्होंने विश्वास जताया कि चार मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा सत्ता में आ आएगी।
सभी घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा
शाह ने यह भी वादा किया कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर बांग्लादेश के साथ बंगाल की सीमा को सील कर दिया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए बांग्लादेश वापस जाने की तैयारी करें। उन्होंने कट मनी पर कहा कि बंगाल की जनता इससे परेशान है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही इसके सिंडिकेट वालों को उलटा लटकाएंगे। वो चाहे कहीं भी छुपे हों, पाताल से निकालकर जेल में डाल देंगे।
45 दिनों के अंदर सीमा सील करेंगे
शाह ने यह भी कहा कि सरकार बनने के 45 दिनों के अंदर सीमा सील करेंगे। इतना ही नहीं बंगाल से 4 शादी, तीन तलाक खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि UCC लाकर ये सब खत्म करेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि बंगाल में बीजेपी आने वाली है, इसलिए ममता के गुंडे 23 को घर से न निकलें। शाह ने लोगों से निडर होकर मतदान करने का आग्रह करते हुए कहा, "कोई भी हमारे मतदाताओं को धमका नहीं सकता। आयोग ने पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों को तैनात किया है, जो राज्य के हर कोने में फैले हुए हैं।" केंद्रीय गृह मंत्री ने दावा किया कि ममता बनर्जी की अपने भतीजे अभिषेक को राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर देखने की आकांक्षा कभी पूरी नहीं होगी। मंच पर भाजपा के नंदीग्राम से उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे।
भाइपो बंगाल का भावी मुख्यमंत्री नहीं होगा
शाह ने कहा, "भाइपो (भतीजा अभिषेक बनर्जी) बंगाल का भावी मुख्यमंत्री नहीं होगा। उन्होंने चार मई के बाद राज्य छोड़ने के लिए अपना टिकट पहले ही खरीद लिया है।" उन्होंने 'भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने वाले तृणमूल के गुंडों को छिपने की जगह ढूंढने की चेतावनी दी। शाह ने कहा, "चार मई को जब नतीजे घोषित होंगे, तो उनके पास भागने की कोई जगह नहीं बचेगी।" केंद्रीय गृह मंत्री ने वादा किया कि बंगाल में सत्ता में आने पर भाजपा चांदीपुर में पान के औषधीय गुणों का अध्ययन करने के लिए एक अनुसंधान केंद्र स्थापित करेगी।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


