फर्जी आधार, मलेशियाई करेंसी और कश्मीर का प्लान! बंगाल में दबोचे गए 14 बांग्लादेशी नागरिक

Apr 02, 2026 10:14 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, जलपाईगुड़ी
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RPF तथा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों के साथ 24 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। घुसपैठियों के कश्मीर और बुल्गारिया जाने के प्लान का भंडाफोड़। पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।

फर्जी आधार, मलेशियाई करेंसी और कश्मीर का प्लान! बंगाल में दबोचे गए 14 बांग्लादेशी नागरिक

भारत में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पश्चिम बंगाल और दिल्ली में दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयां की गई हैं। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने दिल्ली जाने वाली नॉर्थईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन से 14 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए इन लोगों में चार महिलाएं और चार नाबालिग भी शामिल हैं।

फर्जी आधार कार्ड का संदेह

पकड़े गए इन व्यक्तियों के पास से आधार कार्ड बरामद हुए हैं। ये दस्तावेज फर्जी हैं या अवैध तरीकों से बनवाए गए हैं, इसकी सत्यता जांचने के लिए एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। तलाशी के दौरान इनके पास से फर्जी दस्तावेजों के साथ-साथ मलेशियाई मुद्रा भी बरामद की गई है। पूछताछ के दौरान पकड़े गए लोगों ने बताया कि वे काम की तलाश में कश्मीर जा रहे थे।

समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए, आरपीएफ इंस्पेक्टर बिप्लब दत्ता ने बताया कि यह कार्रवाई विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर और नियमित ट्रेन चेकिंग के दौरान की गई। उन्होंने कहा, 'सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, हमारे आरपीएफ कर्मचारियों ने ट्रेनों के निरीक्षण के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। उनके आधार कार्ड की जांच करने पर, दस्तावेज़ फर्जी प्रतीत हुए। इसी पर कार्रवाई करते हुए हमने 5 पुरुषों, 5 महिलाओं और 4 बच्चों को हिरासत में लिया। ये सभी बांग्लादेश के निवासी हैं।'

दिल्ली पुलिस के 'विदेशी सेल' का बड़ा अभियान

इससे पहले 13 मार्च को, दिल्ली पुलिस के बाहरी जिले के विदेशी सेल ने भी अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया था। एक विशेष अभियान के तहत, पुलिस ने 10 बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर फर्जी मेडिकल वीजा व्यवस्था का उपयोग कर रहे थे।

हिरासत में लिए गए इन अवैध नागरिकों को वापस भेजने के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा निर्वासन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। विदेशी सेल की एक विशेष टीम को सत्यापन अभियान के दौरान सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक (जिनके बांग्लादेशी होने का संदेह था) अपने वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद इलाके में रह रहे हैं।

बुल्गारिया जाने की फिराक में थे

जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ कि ये व्यक्ति भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज न होने के बावजूद, बुल्गारिया के लिए मेडिकल वीजा प्राप्त करने का प्रयास कर रहे थे। बाहरी जिले का विदेशी सेल अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध प्रवास के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला रहा है। इसके तहत पुलिस की टीमें लगातार सत्यापन कर रही हैं, खुफिया जानकारी जुटा रही हैं और बिना वैध भारतीय दस्तावेजों के रहने वाले लोगों की पहचान कर रही हैं।

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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