मंगलसूत्र को विवाह के प्रतीक के रूप में महिलाएं वर्षों से धारण करती चली आ रही हैं। यह सोलह शृंगार का एक अहम हिस्सा है।
मंगलसूत्र
यही नहीं कई संस्कृतियों में तो मंगलसूत्र के बिना विवाह की रस्म अधूरी मानी जाती है। ऐसे में यह पति-पत्नी के पवित्र बंधन, सौभाग्य और सुरक्षा का प्रतीक है।
सौभाग्य-सुरक्षा का प्रतीक
सदियों से महिलाएं इसे गले में धारण करती चली आ रही हैं, लेकिन आज के समय में कुछ महिलाएं इसे हाथ में पहनती हैं।
हाथ में पहनने का चलन
ऐसे में सवाल यह है कि मंगलसूत्र को हाथ में पहनना चाहिए या नहीं। चलिए इस बारे में जानते हैं।
सवाल
आमतौर पर मंगलसूत्र में काले मोती और सोना का इस्तेमाल होता है।
इस्तेमाल
शुभता
सोना गुरु की शुभता दिलाता है। वहीं, इसमें इस्तेमाल काले मोती आपकी बुरी शक्तियों से रक्षा करते हैं।
प्रतीक
काले मोतियों का मंगलसूत्र विवाहित जोड़े के लिए अटूट ताकत और एकता के साथ जीवन की चुनौतियों को सहन करने का प्रतीक है।
खास ख्याल
ज्योतिषियों के मुताबिक यह पवित्र सूत्र होता है। ऐसे में पवित्रता का खास ख्याल रखना चाहिए।
ऊर्जा खत्म
हाथ में मंगलसूत्र पहनने से यह अशुद्ध हो सकता है। ऐसे में इसकी ऊर्जा खत्म हो सकती है। यही वजह है कि इसे हमेशा गले में पहनने की सलाह दी जाती है।
यह जानकारी सिर्फ मान्यताओं, धार्मिक ग्रंथों और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। किसी भी जानकारी को मानने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
नोट
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