By  Arti Tripathi
PUBLISHED September 22, 2022

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देश की इस अनोखी जगह पर बिना दुकानदार के चलती है दुकान

मिजोरम के आईजोल में एक शहर सेलिंग है। इस शहर में हाइवे पर बिना दुकानदार के दुकान चलाने का कल्चर पिछले 30 सालों से चला आ रहा है।

बिना दुकानदार की दुकानें

Twitter-Arvind Kumar

सेलिंग शहर के हाइवे पर कई ऐसी दुकानें हैं, जहां बिना दुकानदार के दुकानें चलाई जा रहीं हैं। ऐसी दुकानों में सीसीटीवी कैंमरे भी नहीं लगे होते हैं।

'नगाह लोह द्वार' कल्चर

Twitter-Sabita Chanda

मिजोरम में बिना दुकानदार के दुकान चलाने की परंपरा 1990 में शुरू हुई थी। दुकान के अधिकतर ग्राहक हाइवे पर पर्यटक या ट्रक ड्राइवर होते हैं।

दुकान के ग्राहक

Pexels-Mike Jones

बिना दुकानदार के दुकानें अधिकतर आइजोल शहर के 60 किलोमीटर के भीतर बत्तकवांग, तलुंगवेल और थिंगसुल्थलिया गांवो में पाई जाती हैं।

कहां है ये दुकानें

दुकान में ताजे फल, फ्रूट जूस, सब्जियां, फूल, सूखी छोटी मछलियां, पानी और राशन की चीजें रखी होती हैं।

दुकान में क्या मिलता है

हर एक सामान पर रेट लिस्ट लगा होता है और पैसे रखने के लिए एक बॅाक्स भी रखा होता है। मिजोरम में इस बॅाक्स को पवीशा बॅान कहते हैं।

दुकान का संचालन

Twitter-Sabita Chanda

पिछले 30 सालों से ऐसी दुकानें विश्वास पर चलाई जा रही हैं। ग्राहक की सुविधा के लिए बॅाक्स में कुछ पैसे भी रखे होते हैं, ताकि ग्राहक को फुटकर पैसे मिल सके।

नहीं होती चोरी

Twitter-Sabita Chanda

सेलिंग शहर में बिना दुकानदार के चलाई जाने वाली दुकानें बांस के बल्लियों से बनी होती है।

कैसे बनी होती है दुकान

Twitter-Arvind Kumar

दुकानदार दिनभर खेती करके शाम को दुकान पर लौटकर फिर से जरूरत के सामान रख देता है और बॅाक्स से पैसे निकाल लेता है।

कौन रखता है पैसे

सेलिंग के लोगों का मानना है अगर दुकान करने में समय लगेगा, तो खेती कर पाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सकेगा।

क्यों है ऐसा कल्चर

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