By Dheeraj Pal
PUBLISHED February 2, 2025

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रथ सप्तमी पर सूर्य को अर्घ्य देने का नियम क्या है?

तिथि

4 फरवरी, मंगलवार को रथ सप्तमी है। इस तिथि पर सूर्योदय से पहले उठकर नहाने और उगते सूर्य की पूजा करने की विधान है।

व्रत और सूर्य पूजा

मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पुत्र सांब से भी ये व्रत और सूर्य पूजा करवाई थी। 

जिससे सांब की कोढ़ की बीमारी दूर हुई थी। रथ पर बैठे सूर्य की पूजा करने के कारण इसे रथ सप्तमी कहा जाता है।

रथ पर बैठे सूर्य

सूर्य को अर्घ्य कैसे दें

ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि रथ सप्तमी के दिन सूर्य को अर्घ्य देने की विधि व नियम क्या है?

नदी में नहाएं

सूर्य को अर्घ्य देने और पूजा की विधि माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर सूरज उगने से पहले नदी में नहाएं।

नदी में डुबकी लगाते समय सिर पर बैर और मदार के सात-सात पत्ते रखें। 

पत्ते रखें

फिर सात-सात बैर और मदार के पत्ते, चावल, तिल, दूर्वा, चंदन मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।

क्या-क्या मिलाएं

सप्तमी देवी को नमस्कार करते हुए सूर्य को प्रणाम करें।

प्रणाम करें

यह जानकारी सिर्फ मान्यताओं, धर्मग्रंथों और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। किसी भी जानकारी को मानने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लें।

नोट

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