By Navaneet Rathaur
PUBLISHED Jan 02, 2026

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दुनिया के 7 ऐसे देश, जहां नहीं मनाया जाता है 1 जनवरी को न्यू ईयर का जश्न

दुनिया के ज्यादातर देश 1 जनवरी को नया साल मनाते हैं, लेकिन कुछ देशों में ग्रेगोरियन कैलेंडर नहीं चलता है। वहां अलग-अलग तारीखों पर नया साल आता है। आइए जानते हैं इनके बारे में।

1 जनवरी को न्यू ईयर नहीं

इथियोपिया में इथियोपियन कैलेंडर चलता है, जिसमें 13 महीने होते हैं। यहां नया साल 'एनकुटाटाश' सितंबर में मनाते हैं। इथियोपिया में 1 जनवरी को कोई जश्न नहीं होता है।

इथियोपिया

थाईलैंड में थाई कैलेंडर है। इस देश में अप्रैल महीने की 13 से 15 तारीख के बीच नया साल सोंगक्रान या थाई नववर्ष के नाम से मनाया जाता है।

थाईलैंड

चीन में हर साल 21 जनवरी से 20 फरवरी के बीच नया साल पड़ता है। नए साल के जश्न के दौरान लोग ड्रैगन और शेर के भेष में डांस करके मनाते हैं।

चीन में नया साल कब?

ईरान में पर्सियन कैलेंडर है। यहां नए साल का जश्न 20 या 21 मार्च को फारसी नव वर्ष के प्रतीक में नौरोज के नाम से माना जाता है।

ईरान

श्रीलंका में 'सिंहला-तमिल न्यू ईयर' अप्रैल में मनाते हैं। पंचांग अनुसार, जब सूर्य देव मीन राशि में गोचर करते हैं, तब यहां नया साल मनाया जाता है।

श्रीलंका

नेपाल में विक्रम संवत पंचांग को अपनाया जाता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर से करीब 57 साल आगे है। ऐसे में यहां नया साल अप्रैल में मनाते हैं।

नेपाल

वियतनाम में जनवरी की आखिरी तारीख से फरवरी के मध्य के बीच में नया साल का जश्न मनाया जाता है। चंद्र नव वर्ष के अनुसार, हर साल की डेट अलग होती है।

वियतनाम

ये देश अपने प्राचीन, धार्मिक या सांस्कृतिक कैलेंडर फॉलो करते हैं। ग्रेगोरियन कैलेंडर सिर्फ आधुनिक दुनिया का है, लेकिन कई देशों में परंपरा मजबूत है।

क्यों अलग कैलेंडर?

1 जनवरी सबके लिए नहीं है, अलग-अलग देशों में अलग-अलग जश्न होता है। ये विविधता हमें सिखाती है - हर संस्कृति का अपना नया साल खास है।

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