
कड़ाके की ठंड का प्रकोप, घने कोहरे और शीतलहर ने किया बुरा हाल; जानें कब तक मिलेगी राहत
कश्मीर में शीतलहर की स्थिति और भीषण हो गई है और न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे गिर गया है। तापमान शून्य से नीचे पहुंचने और आसमान साफ रहने के कारण डल झील और अन्य जल स्रोतों के कुछ हिस्से जम गए।
उत्तर भारत में भीषण ठंड का प्रकोप जारी है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे चला गया और दिल्ली में न्यूनतम तापमान इस साल पहली बार 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक भीषण ठंड जारी रहने का अनुमान है। उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भीषण शीतलहर की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर भी तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। पंजाब और हरियाणा में तापमान जमाव बिंदु के आसपास बना रहा।
स्थानीय मौसम कार्यालय ने बताया कि राजस्थान के कुछ हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति दर्ज की गई। प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान शून्य से दो डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर में न्यूनतम तापमान शून्य से एक डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। दिल्ली में इस मौसम की पहली शीतलहर दर्ज की गई और कुछ स्थानों पर तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। आयानगर शहर में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम स्टेशन पर 13 वर्षों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले दो दिन तक भी ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान है और इस संबंध में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
कश्मीर में तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे
कश्मीर में शीतलहर की स्थिति और भीषण हो गई है और न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे गिर गया है। तापमान शून्य से नीचे पहुंचने और आसमान साफ रहने के कारण डल झील और अन्य जल स्रोतों के कुछ हिस्से जम गए। श्रीनगर में शनिवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान से थोड़ा अधिक था। कश्मीर में वर्तमान में चिल्ला-ए-कलां का प्रकोप जारी है। इस दौरान 40 दिन भीषण ठंड रहती है और रात का तापमान अक्सर जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे गिर जाता है। बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक रहती है। पिछले साल 21 दिसंबर को शुरू हुआ चिल्ला-ए-कलां 30 जनवरी को समाप्त होगा। घाटी के मैदानी इलाकों में इस मौसम में अब तक बर्फबारी नहीं हुई है। आईएमडी ने कहा कि 21 जनवरी तक मौसम शुष्क लेकिन बादल छाए रहने की संभावना है।
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Niteesh Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




