
नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी! यूपी-बिहार से लेकर देशभर में लुढ़का पारा, क्यों 'असामान्य' है ये ठंड?
यह नवंबर की शुरुआत में इतनी गहरी ठंड 10 वर्षों में सबसे असामान्य है। दिल्ली में 16 नवंबर को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो तीन वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान है।
देश के बड़े हिस्सों में नवंबर की शुरूआत से ही ठंड ने अचानक जोर पकड़ लिया। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और यहां तक कि महाराष्ट्र तक, महीने के पहले पखवाड़े में न्यूनतम तापमान लगभग रोज ही सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक इसे जलवायु की दृष्टि से असामान्य, लेकिन वर्ष दर वर्ष होने वाले उतार-चढ़ाव की सीमा के भीतर बता रहे हैं। आईएमडी के अनुसार, नवंबर माह में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-6 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया है, जो जलवायु की दृष्टि से असामान्य है। उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में कोल्ड वेव की स्थिति बनी हुई है, जिससे सुबहों में घना कोहरा और ठंडी हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव ला नीना प्रभाव और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण हो रहा है।

मध्य भारत और महाराष्ट्र में कड़कड़ाती ठंड
मंगलवार को मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश के हिस्सों में कड़ाके की ठंड से लेकर भीषण ठंड की स्थिति दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार और शुक्रवार को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में ठंड की लहर जारी रह सकती है। पुणे में मंगलवार का सुबह का तापमान गिरकर शिवाजीनगर में 9.4°C और पाषाण में 9°C तक पहुंच गया, जो पिछले नौ वर्षों में नवंबर के पहले 18 दिनों में सबसे कम है। महाराष्ट्र में नवंबर में इतनी व्यापक ठंड कम ही देखने को मिलती है, लेकिन इस बार पूरा क्षेत्र ठंड के प्रभाव में है।
दिल्ली में 11 साल में सबसे जल्दी आया एकल-अंक तापमान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 15 नवंबर से लगातार न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे बना हुआ है। सोमवार को दिल्ली में इस सीजन का सबसे कम तापमान 8.7°C दर्ज हुआ, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री कम है। यह पिछले 11 वर्षों में नवंबर में दर्ज हुआ सबसे जल्दी आया सिंगल-डिजिट तापमान है।
तापमान में असामान्य गिरावट
IMD के 1 से 18 नवंबर तक के तापमान विचलन (अनॉमली) मानचित्र दिखाते हैं कि देश के बड़े हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-3°C तक कम रहा है। मंगलवार को देश के कई इलाकों में तापमान सामान्य से 2-6°C नीचे दर्ज किया गया। पूर्वी मध्य प्रदेश में शुक्रवार तक ठंड की लहर जारी रहने की संभावना है। वहीं विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी मंगलवार को ठंड की लहर की स्थिति रही।
उत्तरी व उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, IMD के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी हवाओं के लगातार बहने से उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत के हिस्सों में ठंड की लहर जारी है।
कश्मीर और उत्तर भारत में भी तेज ठंड
कश्मीर घाटी में भी असामान्य ठंड महसूस की जा रही है। श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम में तापमान सामान्य से काफी नीचे है। पंजाब, हरियाणा और पूर्वी राजस्थान के कई शहरों में भी न्यूनतम तापमान सिंगल-डिजिट में पहुंच गया है और कुछ क्षेत्रों में ठंड की लहर का असर दिखाई दे रहा है। स्काईमेट वेदर के अध्यक्ष जी. पी. शर्मा ने बताया कि देश के कई हिस्सों में सर्दी तय समय से काफी पहले दस्तक दे चुकी है। महाराष्ट्र में तेज ठंड की लहर है, जहां मध्य महाराष्ट्र और मुंबई तक में तापमान सामान्य से 5-8 डिग्री कम है।
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज
उत्तर प्रदेश में नवंबर का मौसम असामान्य रूप से ठंडा और शुष्क साबित हो रहा है, जहां शुरुआती सर्दी ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले लिया है। लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 7-10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि सुबह-शाम घना कोहरा और उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 19 नवंबर को कानपुर, बाराबंकी, इटावा और लखनऊ में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो तापमान में मामूली राहत तो देंगी, लेकिन 20 नवंबर तक शुष्क मौसम के साथ कोल्ड वेव की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी और पूर्वी यूपी के जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा छाने से दृश्यता कम हो रही है, जिससे परिवहन प्रभावित हो रहा है, वहीं कृषि और स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ला नीना प्रभाव के कारण यह ठंड सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक है, और आने वाले दिनों में यह और तीव्र हो सकती है, इसलिए नागरिकों को गर्म वस्त्रों का उपयोग और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
बिहार के मौसम का मिजाज
बिहार में भी यूपी जैसा ही हाल है। नवंबर असामान्य रूप से ठंडा और शुष्क हो गया है। पटना, गया और भागलपुर जैसे प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 10-12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि दक्षिण-पश्चिमी जिलों में यह और भी कम दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य से 3-4 डिग्री नीचे है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 19 नवंबर को सुबह-शाम घना कोहरा छाने और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ेगी, अधिकतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन 20-22 नवंबर तक तापमान में और 2-3 डिग्री की गिरावट संभव है।
आने वाले दिनों में क्या?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तरी हवाओं का प्रभाव जारी रहने से उत्तर, मध्य और मध्य प्रायद्वीपीय भारत में ठंड अगले कुछ दिनों तक और बढ़ सकती है। हालांकि, नवंबर के मध्य में इस तरह की व्यापक ठंड को असामान्य माना जा रहा है, फिर भी इसे जलवायु परिवर्तन का स्थायी संकेत नहीं समझा जा रहा। देश के कई हिस्सों में तापमान के अचानक गिरने से लोगों ने नवंबर की शुरुआत में ही दिसंबर जैसी ठिठुरन का अनुभव करना शुरू कर दिया है।
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Amit Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




