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Hindi News मौसमIMD Monsoon Progress: जून में नहीं होगी अच्छी बारिश, IMD ने डराया, धीमा मॉनसून भी जमकर देगा टेंशन

IMD Monsoon Progress: जून में नहीं होगी अच्छी बारिश, IMD ने डराया, धीमा मॉनसून भी जमकर देगा टेंशन

IMD Monsoon Progress: गर्मी से राहत देते मॉनसून की शुरुआत जून में ही हो जाती है, लेकिन आमतौर पर 15 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर कर लेता है। अब जून देश की 15 फीसदी बारिश में सहायक होता है।

IMD Monsoon Progress: जून में नहीं होगी अच्छी बारिश, IMD ने डराया, धीमा मॉनसून भी जमकर देगा टेंशन
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Nisarg Dixitलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 19 Jun 2024 02:20 PM
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Mausam Samachar: मॉनसून की धीमी चाल की चिंताओं के बीच अब IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने और टेंशन बढ़ा दी है। विभाग ने जून में बारिश के पूर्वानुमान को घटाकर 'सामान्य से कम' कर दिया है। खास बात है कि विभाग ने महज 20 दिनों में ही पहले के पूर्वानुमान को बदल दिया है। हालांकि, मौसम के जानकार इसे बड़ी चिंता की बात नहीं मान रहे हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि जून में देश में औसत बारिश सामान्य से कम रह सकती है। बीते महीने ही मौसम विभाग ने कहा था कि जून में देश में सामान्य बारिश होगी, जो LPA का 92-108 फीसदी होगी। अब IMD का कहना है, 'जून में मध्य, उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर के कुछ इलाों में सामान्य से कम बारिश की संभावनाएं हैं।'

कितनी जरूरी है जून में अच्छी बारिश
मॉनसून की शुरुआत जून में ही हो जाती है, लेकिन आमतौर पर 15 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर करता है। अब जून देश की 15 फीसदी बारिश में सहायक होता है। जबकि, जुलाई और अगस्त देश के बारिश के मौसम में 35-35 फीसदी की हिस्सेदारी निभाते हैं। अखबार से बातचीत में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव एम राजीवन बताते हैं, 'अब यह महीना शुरुआत का है, तो जून में बारिश की कमी होना ज्यादा चिंता की बात नहीं है।'

मॉनसून में होगी देरी
बारिश के पूर्वानुमान में गिरावट मॉनसून की रफ्तार के भी संकेत दे सकती है। कहा जा रहा है कि पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में बारिश में देरी हो सकती है। इतना ही नहीं, मध्य, पूर्व और उत्तरी क्षेत्रों में मॉनसून की देरी गर्मी बढ़ा सकती है। अखबार से बातचीत में राजीवन का कहना है, 'हम इस साल जुलाई, अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश की उम्मीद कर सकते हैं।'

अगर इस साल मॉनसून की रफ्तार सामान्य होती है, तो यह पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को अब तक कवर कर चुका होता। कहा जा रहा है कि 11 जून से ही मॉनसून की प्रगति कुछ थमी हुई है।