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उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान में 3 फरवरी को बारिश-बर्फबारी पर येलो अलर्ट, पर्वतीय रूटों से बसें लौटीं

उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान में 3 फरवरी को मौसम आज एक बार फिर करवट ले सकता है। मैदानी जिलों में कोहरा और पर्वतीय क्षेत्रों में पाले का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय रूटों से बसें लौटीं।

उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान में 3 फरवरी को बारिश-बर्फबारी पर येलो अलर्ट, पर्वतीय रूटों से बसें लौटीं
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानSat, 03 Feb 2024 10:10 AM
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Uttarakand Weather Forecast 3 February: उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान में आईएमडी का बड़ा अपडेट सामने आया है। उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान में 3 फरवरी को मौसम आज एक बार फिर करवट ले सकता है। मैदानी जिलों में कोहरा और पर्वतीय क्षेत्रों में पाले का येलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड में शुक्रवार को मौसम साफ रहा। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में धूप निकली थी।

मौसम विज्ञान केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया-शनिवार शाम से कुछ पहाड़ी जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। रविवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत व ऊधमसिंहनगर में ओलावृष्टि व बारिश की संभावना है। पांच फरवरी को भी मौसम ऐसा ही रह सकता है। शनिवार को दून में मौसम साफ रहेगा। सुबह हल्का कोहरा रह सकता है।

आधे रास्ते से लौटीं बसें: पहाड़ी रूटों पर चलने वाली रोडवेज और विश्वनाथ सेवाओं पर शुक्रवार को बर्फबारी का असर दिखा। उत्तरकाशी रूट, सुवाखोली से आगे दोपहर तक बाधित रहा। दून से उत्तरकाशी जा रही रोडवेज बस को बाटाघाट (मसूरी) से लौटना पड़ा। आराकोट की बस भी चकराता से लौट आई।

वाया सुवाखोली उत्तरकाशी जाने वाली पांच विश्वनाथ सेवाएं रद रहीं। रोडवेज की उत्तरकाशी सेवा सुबह 530 बजे दून से निकली। बाटाघाट में बर्फ और पाला जमा था। सुवाखोली से आगे रास्ता बंद था। पांच घंटे इंतजार के बाद बस वापस लौट आईं। 

बर्फबारी से खुश हुए पर्यटन कारोबारी
जोशीमठ। लंबे इंतजार के बाद हुई बर्फबारी ने पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिला दिए हैं। सभी को उम्मीद है कि बर्फबारी की लुफ्त उठाने पर्यटक हिल स्टेशनों का रुख करेंगे व पर्यटन कारोबार से जुडे लोगों को इससे लाभ मिलेगा।

वहीं रोपवे बंद होने के कारण बीआरओ ने औली की सडक से बर्फ एवं पाला हटाने का काम गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी जारी रखा। हालांकि काम चलाउ सड़क खुल चुकी है लेकिन बीआरओ की मशीनें अभी भी औली सडक में जंगल के अंदर से गुजरने वाली सड़क के विविध भागों से बर्फ एवं पाला हटाने में लगे हुए हैं।

बर्फबारी के बाद अब औली को पर्यटकों का इंतजार है तो वहीं औली में खुली चराई के लिए छोड़े मवेशियों के आगे जीवन का प्रश्न खडा हो गया है। औली में दिन में तापान माइनस 5 व रात को माइनस 20 से नीचे जा रहा है ऐसे में खुले आसमान के नीचे और बर्फ के उपर ये पशु कितना और जी पायेंगे कह पाना कठिन है।

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