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Hindi News मौसमIMD Monsoon Update: 11 जून से आगे ही नहीं बढ़ा मॉनसून, तो कैसे होगी बारिश? अब आई खुशखबरी

IMD Monsoon Update: 11 जून से आगे ही नहीं बढ़ा मॉनसून, तो कैसे होगी बारिश? अब आई खुशखबरी

मौसम विभाग ने कहा कि अगले 4-5 दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है।

IMD Monsoon Update: 11 जून से आगे ही नहीं बढ़ा मॉनसून, तो कैसे होगी बारिश? अब आई खुशखबरी
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Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 14 Jun 2024 08:57 PM
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IMD Monsoon Update: भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार 11 जून के बाद से मॉनसून लगभग आगे नहीं बढ़ा है। IMD ने शुक्रवार को बताया कि मॉनसून उत्तर की ओर से नवसारी, जलगांव, अमरावती, चंद्रपुर, बीजापुर, सुकमा, मलकानगिरी, विजयनगरम और इस्लामपुर से होकर गुजर रहा है। इससे पहले भी मौसम विभाग ने मॉनसून को लेकर अपडेट दिया था। IMD ने अगले दो सप्ताह के लिए अपने विस्तारित पूर्वानुमान में कहा था कि इस मॉनसून ऋतु के पहले 12 दिनों में देशभर में हुई कुल बारिश सामान्य से चार प्रतिशत कम रही तथा उत्तर-पश्चिम भारत में 53 प्रतिशत कम बारिश हुई। इसकी प्रमुख वजह ये है कि मॉनसून बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहा है।

हालांकि अब आईएमडी ने शुक्रवार को अपने बुलेटिन में कहा है कि मॉनसून अगले चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों और बिहार के कुछ हिस्सों में भी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

मौसम विभाग ने कहा, "अगले 4-5 दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है।" आईएमडी ने चेतावनी दी है कि भारत के उत्तरी भागों में अगले चार से पांच दिनों तक लू से लेकर भीषण लू की स्थिति जारी रहने की संभावना है।

वहीं स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष, जलवायु और मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने कहा, "अगले 3-4 दिनों तक मॉनसून के कमजोर रहने की उम्मीद है। एक बार जब यह गति पकड़ लेगा, तो यह पश्चिम बंगाल, झारखंड आदि की ओर बढ़ सकता है, लेकिन उसके बाद यह हिमालय की तराई की ओर बढ़ेगा और महीने के अंत में दिल्ली, हरियाणा तथा पड़ोसी क्षेत्रों में दस्तक देगा।" पलावत ने कहा, "पश्चिमी हवाएं बहुत तेज हैं। वे नम पूर्वी हवाओं को उत्तर-पश्चिमी राज्यों में प्रवेश नहीं करने दे रही हैं। जब तक हवा की दिशा नहीं बदलती, तब तक यहां मॉनसून की शुरुआत नहीं होगी।" 

गुरुवार को दिल्ली शहर के आधिकारिक मौसम केंद्र, सफदरजंग वेधशाला ने अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक था। 1 जून से अब तक बारिश में कमी बुधवार को 1% से बढ़कर शुक्रवार को 9% हो गई। आईएमडी के अनुसार, पूरे देश में 9% की कमी है, जिसमें केवल उत्तर-पश्चिम भारत में 57%, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 30%, मध्य भारत में 9% की कमी देखी गई वहीं प्रायद्वीपीय भारत में 50% अधिक बारिश हुई है।

आईएमडी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई या अधिकांश हिस्सों में, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में 18 जून तक, झारखंड और उत्तराखंड में 15 जून तक और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और बिहार के पश्चिमी हिस्सों में 15 जून तक भीषण गर्मी की स्थिति रहने की संभावना है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में 17 जून तक, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 जून तक, उत्तरी राजस्थान और उत्तरी छत्तीसगढ़ में 15 जून तक गर्मी की स्थिति रहने की संभावना है।

गुरुवार को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कई हिस्सों, पश्चिमी झारखंड, दक्षिण-पश्चिम बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 44-47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। इस बीच, असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, कोंकण और गोवा, तेलंगाना, मराठवाड़ा और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा देखी गई।