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Hindi News मौसमMonsoon News: मॉनसून कहां अटका, 8 दिन से करा रहा है इंतजार, किसानों के लिए बड़ा अलर्ट

Monsoon News: मॉनसून कहां अटका, 8 दिन से करा रहा है इंतजार, किसानों के लिए बड़ा अलर्ट

Monsoon Rains: मॉनसून में देरी होने का असर खेती पर भी पड़ेगा, जहां खरीफ की बुवाई में देरी होगी। अब जब खरीफ की बुवाई में देरी होगी, तो इसकी कटाई और रबी की बुवाई में अंतर कम रह जाएगा।

Monsoon News: मॉनसून कहां अटका, 8 दिन से करा रहा है इंतजार, किसानों के लिए बड़ा अलर्ट
monsoon rain
Nisarg Dixitलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 20 Jun 2024 10:36 AM
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Monsoon News: केरल में दो दिन पहले ही पहुंच चुका मॉनसून अब देश के कई हिस्सों को लंबा इंतजार करा रहा है। नतीजा यह है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। इतना ही नहीं अब मॉनसून की देरी की सजा खेजी भी भुगत रही है। खबर है कि मॉनसून की धीमी रफ्तार भारत के उत्तर और उत्तर पश्चिम इलाकों में खरीफ की बुवाई में देरी की वजह बन रही है।

खास बात है कि 12 जून से मॉनसून में खास गतिविधियां नहीं देखी गई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में पूर्व सचिव माधवन राजीवन का कहना है, 'मॉनसून का स्थिर होना मॉनसून के सीजन में बहुत आम है। मॉनसून एक बार में आगे नहीं बढ़ता है, लेकिन मौजूदा रुकावट ज्यादा लंबी हो गई है। इसकी वजह इंट्रा सीजनल एक्टिविटी और मैटन जूलियन ऑसिलेशन (MJO) से भी जुड़ी हो सकती है।'

हालांकि, राजीवन का कहना है कि मॉनसून सामान्य रहेगा। उन्होंने कहा, 'हमें मॉनसून के फिर सक्रिय होने के लिए नए स्पेल का इंतजार नहीं करना होगा। इसकी उम्मीद जून के आखिरी सप्ताह में है। बहरहाल, जून में बारिश की कमी होगी, लेकिन हमें चिंता नहीं करना चाहिए। मॉनसून सामान्य रहेगा।'

खेती पर असर
रिपोर्ट के अनुसार, मॉनसून में देरी होने का असर खेती पर भी पड़ेगा, जहां खरीफ की बुवाई में देरी होगी। अब जब खरीफ की बुवाई में देरी होगी, तो इसकी कटाई और रबी की बुवाई में अंतर कम रह जाएगा। ऐसे में उत्तर पश्चिम भारत में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि किसानों को सरसों और गेहूं बोने के लिए जमीन तैयार करनी होगी।

जून में कम होगी बारिश
खास बात है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने जून में बारिश के पूर्वानुमान को घटा दिया है। हालांकि, विभाग ला नीना पर काफी निर्भर है और उम्मीद लगाए है कि जुलाई से सितंबर के बीच अच्छी बारिश हो सकती है। आमतौर पर ला नीना की स्थिति का संबंध भारत में मॉनसून की अच्छी बारिश से है।

कहां अटका है मॉनसून
IMD का ताजा डेटा बताता है कि महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों, गुजरात, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है। साथ ही मॉनसून की बारिश ने अब तक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, ओडिशा, पुडुचेरी, गोवा के बड़े हिस्से को कवर कर लिया है।

अगले दो-तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इस दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा के कुछ और हिस्सों, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।